
Palamu : झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी महासंघ के तत्वावधान में शुक्रवार को मनरेगाकर्मियों ने सरकार पर वादाखिलाफी एवं हठधर्मिकता का आरोप लगाकर धरना- प्रदर्शन किया. जिले के सभी प्रखंड कार्यालय परिसर में मनरेगाकर्मियों ने धरना दिया. चैनपुर, तरहसी, मेदिनीनगर सदर सहित अन्य प्रखंड कार्यालय में आयोजित धरना में बड़ी संख्या में मनरेगाकर्मी शामिल हुए.
इस मौके पर मनरेगाकर्मियों ने कहा कि पिछले 14 वर्षों से सरकार की वादाखिलाफी एवं हठधर्मिकता के कारण शोषण का शिकार हो रहे हैं, जिससे राज्य भर के मनरेगा कर्मियों में आक्रोश है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जब विपक्ष में थे तब उन्होंने कहा था कि उनकी सभी मांगे जायज है. उनकी सरकार जब बनेंगी, तब सारी मांगों को पूरा करेंगे.
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सरकार बने आज दो वर्ष हो गये, लेकिन सरकार द्वारा अभी तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया. इससे नाराज होकर आज उन्होंने प्रखंड कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया. शनिवार को जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के समाहरणालय में धरना प्रदर्शन करेंगे.
चैनपुर के धरना की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष जनेश्वर राम ने की. धरना में मुख्य रूप से उत्तम प्रवीण मिंज, शकील अंसारी, उमेश यादव, दानिश अख्तर, कामेश्वर सिंह, शैलेन्द्र नाथ सिंह, संजय कुमार रजक, पंकज कुमार सिंह, प्रदीप प्रसाद सहित चैनपुर एवं रामगढ़ के 29 कर्मी उपस्थित थे.
उधर, तरहसी में आयोजित धरना में उपेंद्र कुमार सिंह, रविन्द्र कुमार, शिव शंकर पासवान, विश्वनाथ प्रजापति, पप्पू कुमार रवि व मनव्वर आलम सहित अन्य कर्मी शामिल हुए.
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मनरेगाकर्मियों की क्या है मांग
मनरेगाकर्मियों की मांगों में वेतनमान में बढ़ोतरी, स्थायीकरण, महंगाई भत्ता, मनरेगा कर्मचारी महासंघ की सेवा एवं शर्त नियमावली में संशोधन, सामाजिक सुरक्षा, बर्खास्तगी पर रोक एवं बर्खास्त कर्मियों की सेवा वापसी सहित अन्य मांगे शामिल हैं.
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