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महागठबंधन पर बनी पेंच को सुलझाकर जल्द करेंगे सीटों का खुलासा: हेमंत सोरेन

Ranchi : प्रदेश में चुनावी बिगुल बजते ही राजनीतिक गलियारों में चुनावी हलचल तेज़ हो गयी है. रघुवर सरकार के सत्ता से बाहर करने के लिए जेएमएम कार्यकारी अध्यक्ष लगातार सहयोग दलों से संपर्क साधे हुए है. इसी कड़ी में शनिवार को रिम्स के पेइंग वार्ड में हेमंत ने आरजेडी सुप्रिमो लालू प्रसाद से मुलाकात कर महागठबंधन पर चर्चा की. इस दौरान जहां लालू ने हेमंत के साथ चुनाव लड़ने पर सहमति जतायी है.

वहीं कहा कि महागठबंधन को लेकर जो भी पेंच है, उसे जल्द ही निपटा लिया जाए. सूत्रों का दावा है कि महागठबंधन में शामिल होने के साथ ही आरजेड़ी 8 सीटों पर चुनाव लड़ने पर अड़ा है. वहीं सभी घटक दल आरजेडी को 5 सीटें देना चाह रहे है. वही जेवीएम के महागठबंधन में नहीं रहने के सवाल पर हेमंत ने कहा जल्द ही वे पार्टी सुप्रिमो बाबूलाल मरांडी से मुलाकात करेंगे.

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सीट शेयरिंग पर सभी दलों से बातचीत जारी

मीडिया से बातचीत में हेमंत ने कहा कि मौजूदा सरकार के खिलाफ मजबूती से चुनावी समर में उतरने के लिए उन्होंने आरजेडी सुप्रिमो से मुलाकात की. इस दौरान लालू ने महागठबंधन के पक्ष में रहने पर सहमति जतायी.

आरजेडी के पाले में कितनी सीट मिलने के सवाल पर हेमंत ने कहा कि सीट शेयरिंग पर सभी दलों से बातचीत जारी है. उसके बाद ही वे मीडिया को इसपर अपनी बातों को रख पाएंगे. हालांकि उऩ्होंने यह जरूर कहा कि एनडीए गठबंधन के पहले ही वे महागठबंधन के फार्मूले को सामने रखने की कोशिश करेंगे.

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चुनाव बाद नेतृत्व पर फैसला चाहता है जेवीएम

सीट शेयरिंग पर बाबूलाल लाल मरांडी की पार्टी जेवीएम की नाराजगी और उनके महागठबंधन से बाहर रहने के सवाल पर हेमंत ने कहा कि इसपर अभी बातचीत चल रही है. जल्द ही वे बाबूलाल से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे. माना जा रहा है कि जेएमएम के नेतृत्व में जेवीएम विधानसभा चुनाव लड़ने के मूड में नहीं है.

जेवीएम चुनाव बाद नेतृत्व पर फैसला चाहता है. इस सबके बीच जेवीएम ने अकेले मैदान में उतरने की तैयारी भी शुरू कर दी है. जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने साफ किया है कि कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत कर आगे की रणनीति तय की जाएगी.

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन में ये तय हुआ था कि संसदीय चुनाव में कांग्रेस बड़े भाई की भूमिका में रहेगा, जबकि विधानसभा चुनाव में जेएमएम नेता हेमंत सोरेन के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. लेकिन अब जेवीएम को हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर आपत्ति है.

रघुवर सरकार की कथनी और करनी में अंतर

पांच चरणों में राज्य विधानसभा चुनाव होने के सवाल पर हेमंत ने कहा कि चुनाव आयोग ने भी अब मान लिया है कि राज्य की स्थिति बेहतर नहीं है. रघुवर सरकार के चेहरे को उजागर करने के लिए ही जेवीएम ने एक चरण में चुनाव कराने की मांग आयोग से की थी.

झारखंड से भी बड़े-बड़े राज्यों में एक चरण में चुनाव कराया गया है. हकीकत यही है कि पूरा प्रशासनिक और पुलिस महकमा बीजेपी के साथ है, लेकिन फिर पांच चरणों में चुनाव कराकर आयोग ने सरकार का चेहरा स्पष्ट किया है कि उसकी करनी और कथनी में बहुत अंतर है.

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