
Ranchi: मुख्यमंत्री लघु कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के गठन को भले ही लगभग तीन साल होने को है, लेकिन यहां अभी तक प्रशासनिक अव्यवस्था है. एक ओर जिस उद्देश्य से बोर्ड का गठन किया गया उस काम में बोर्ड अधिकारियों की धीमी चाल है, तो वहीं दूसरी ओर बोर्ड की प्रशासनिक व्यवस्था से कर्मचारियों में असंतोष दिनों दिन बढ़ते जा रहा है.
उद्योग विभाग के अंतर्गत आने वाले इस बोर्ड में तीन साल पहले कर्मचारियों को नियुक्त तो किया गया लेकिन जिन शर्तों के एवज में इन्हें नियुक्त किया गया सरकार उन शर्तों को पूरा नहीं कर पा रही.
मार्च 2018 से कुटीर बोर्ड के अंतर्गत कार्यरत जिला संयोजकों और ब्लाॅक संयोजकों को ट्रैवल एक्सपेंस नहीं दिया गया है. इस संबध में कई बार जिला और ब्लाॅक संयोजकों ने बोर्ड के वरीय अधिकारियों से बात की लेकिन इसके बाद भी इन्हें बकाया नहीं मिला.
जानकारी मिली है कि बोर्ड की लचर व्यवस्था से अंसतुष्ट पाकुड़, सिमडेगा और रामगढ़ के जिला संयोजकों और कुछ ब्लाॅक संयोजकों ने जाॅब छोड़ दिया. फिलहाल बोर्ड में ये पद खाली हैं.
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नियुक्ति पत्र में ट्रैवल एक्सपेंस देने की बात का है जिक्र
कुछ जिला संयोजकों से बात करने से जानकारी मिली की साल 2016 में जब इनकी नियुक्ति की गयी थी तो इनके नियुक्ति पत्र में ही ट्रैवल एक्सपेंस देने का जिक्र था. मार्च 2018 के पहले तक बोर्ड ने ये पैसे इन कर्मचारियों को दिया भी, लेकिन एकाएक ट्रैवल एक्सपेंस रोक दिया गया.
बोर्ड के अंतर्गत वर्तमान में 21 जिला और 235 ब्लाॅक संयोजक हैं. तीन जिला और 28 ब्लाॅक संयोजकों के पद रिक्त है. एक अनुमान के अनुसार मार्च 2018 से अगर एक व्यक्ति का ट्रैवल एक्सपेंस लगभग चार हजार भी बकाया है तो जिला और ब्लाॅक संयोजकों की संख्या के अनुसार पूरा ट्रैवल एक्सपेंस लगभग दो करोड़ तक का बकाया बोर्ड के पास है. गौरतलब है कि बोर्ड को 24 जिला और 263 ब्लाॅक संयोजकों का बकाया देना है.
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सरकार ने अबतक नहीं दिया 30 हजार ग्राम संयोजकों का बकाया
राज्य में बोर्ड के लगभग 30 हजार ग्राम संयोजक थे. गौर करने वाली बात है कि राज्य सरकार ने ग्राम संयोजकों के कार्यों के लिये प्रोत्साहन राशि तक तय नहीं की थी.
पूर्व सीएस राजबाला वर्मा ने प्रति ग्राम संयोजक दो सौ रुपये दिये जाने के लिये एक करोड़ की राशि भी आवंटित की थी. इसके बाद भी इन ग्राम संयोजकों को बकाया नहीं दिया गया. ग्राम संयोजकों के कारण साल 2017-18 में बोर्ड ने पंचायती राज विभाग के बीपीएल सर्वे को पूरा किया था.
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अगले सप्ताह तक मिल जायेगा बकाया
इस संबंध में लघु कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के सीईओ अजय कुमार सिंह ने कहा कि ट्रैवल एक्सपेंस के बकाया देने की कार्रवाई बोर्ड की ओर से की जा रही है. वैसी कोई परेशानी नहीं है. आने वाले सप्ताह तक सभी को बकाया दे दिया जायेगा. इन्होंने बताया कि बोर्ड के पास वर्तमान में 235 ब्लाॅक और 21 जिला संयोजक हैं.




