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छठी JPSC का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, छात्रों के आवेदन को कोर्ट ने जनहित याचिका में बदला

Ranchi : छठी जेपीएससी में बरती गयी अनियमितता को लेकर छात्रों के एक समूह द्वारा कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट को एक पत्र लिखा गया था. जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका में बदल दिया. छात्रों ने अपने पत्र में लिखा है कि जेपीएससी ने विज्ञापन के विपरीत जाकर क्वालीफाइंग पेपर को मेरिट लिस्ट में जोड़ दिया है. आयोग ने वैसे उम्मीदवारों को परीक्षा में पास कर दिया है, जिन्होंने प्रत्येक विषय में न्यूनतम क्वालिफिकेशन मार्क्स भी प्राप्त नहीं किये हैं.

छात्रों का कहना है कि पूर्व सचिव के पुत्र एवं आयोग के कार्यालय में कार्यरत 12 कर्मी गोपनीय तरीके से परीक्षा में शामिल हुए हैं. इसके अलावा जेपीएससी ने प्रश्नपत्रों की छपाई का जिम्मा उस एजेंसी को सौपा था, जिसपर कोलकाता और पटना हाईकोर्ट में धोखाधड़ी का केस चल रहा है.

इन सब के अलावा छात्रों ने अपने पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया है कि जेपीएससी की कुल 12 नियुक्तियों की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है. प्रारंभिक जांच में 69 अवैध तरीके से नियुक्त अभ्यर्थियों पर एफआईआर दर्ज किया जा चुका है. आयोग के पूर्व अध्यक्ष, सदस्य और परीक्षा नियंत्रक जेल की यात्रा कर चुके हैं.

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