
Srinagar : सियाचिन ग्लेशियर में आज शनिवार कोआये बर्फीले तूफान में दो जवान शहीद हो गये. भारतीय सेना ने यह जानकारी दी . सूचना के अनुसार आज तड़के जवान दक्षिणी सियाचिन ग्लेशियर में 18,000 फीट की ऊंचाई पर गश्त कर रहे थे, तभी हिमस्खल हुआ और बर्फ के पहाड़ में दबने से दो जवान शहीद हो गये. सेना ने जानकारी दी कि राहत एवं बचाव टीम घटनास्थल पर पहुंचकर फंसे जवानों को निकाल लिया है.
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2016 में मद्रास रेजीमेंट के जवान हनुमनथप्पा समेत कुल 10 सैन्यकर्मी शहीद हो गये थे
कुछ दिन पहले भी सियाचिन ग्लेशियर में हुए भीषण हिमस्खलन में भारतीय सेना के 4 जवान शहीद हो गये थे. आंकड़ों के अनुसार, साल 1984 से लेकर अब तक हिमस्खलन की घटनाओं में सेना के 35 ऑफिसर्स समेत 1000 से अधिक जवान सियाचिन में शहीद हो चुके हैं.
सियाचिन में इससे पहले भी कई बार ऐसे हादसों में भारतीय सेना के सैकड़ों जवान अपनी जान गंवा चुके हैं. 2016 में ऐसे ही एक घटना में मद्रास रेजीमेंट के जवान हनुमनथप्पा समेत कुल 10 सैन्यकर्मी बर्फ में दबकर शहीद हो गये थे.
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-60 डिग्री तक हो जाता है तापमान
कारकोरम क्षेत्र में लगभग 20 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित सियाचिन ग्लेशियर विश्व में सबसे ऊंचा सैन्य क्षेत्र माना जाता है, जहां सैनिकों को फ्रॉस्टबाइट (अधिक ठंड से शरीर के सुन्न हो जाने) और तेज हवाओं का सामना करना पड़ता है. ग्लेशियर पर ठंड के मौसम के दौरान हिमस्खलन की घटनाएं आम हैं. साथ ही यहां तापमान शून्य से 60 डिग्री सेल्सियस नीचे तक चला जाता है.
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