
Ranchi: केंद्र सरकार की ओर से देश भर की पंचायतों को विकास कार्यों के लिए 15वें वित्त आयोग द्वारा राशि जारी की जानी है. तकरीबन 69,000 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है.
सरकार ने सभी राज्य सरकारों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि पीएफएमएस (पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिये ही भुगतान प्रक्रिया आरंभ होगी.
अत: सभी पंचायतों को मार्च माह की समाप्ति से पूर्व ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था अपने यहां सुनिश्चित करनी होगी. इसके अभाव में राशि का लाभ लेने में चुनौतियां आयेंगी.
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भारत नेट की सुविधा 2982 पंचायतों तक
केंद्र सरकार की ओर से पंचायतों का डिजिटलाइजेशन करने के लिए भारत नेट के माध्यम से प्रयास जारी है. झारखंड में अब तक लगभग 2982 पंचायतों में ही भारत नेट के तहत केबल बिछाये जा सके हैं.
इनमें से भी कई पंचायतों में इंटरनेट सुविधा आरंभ नहीं हो सकी है. फिलहाल ब्रॉडबैंड माध्यम से लगभग 3600 पंचायतों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है.
4367 पंचायतों में से 3897 पंचायतों के पास कंप्यूटर सुविधा उपलब्ध है.
147 पंचायतों के पास नहीं है अपना पंचायत सचिवालय
झारखंड के पंचायती राज विभाग के अनुसार झारखंड में वर्तमान में 4367 पंचायतें हैं. 4220 पंचायतों के पास अपना पंचायत सचिवालय है.
यानि 257 पंचायतों के पास अपना भवन नहीं है. जहां पंचायत भवन नहीं हैं, वहां उसे किसी अन्य सरकारी भवन से संचालित किया जा रहा है.
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मार्च तक इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा पर जोर
पंचायती राज निदेशक विनय राय के अनुसार इंटरनेट सुविधा वाली पंचायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ब्रॉडबैंड और डोंगल के जरिये इंटरनेट का लाभ पंचायतें उठा रही हैं.
जिन पंचायतों के पास कंप्यूटर की सुविधा नहीं है, उनके लिए फंड की कमी नहीं है. हर तीन पंचायत पर एक कंप्यूटर आपरेटर रखा गया है.
जिनके पास पंचायत भवन नहीं है, उनके लिए विभाग प्रयासरत है. कई स्थलों पर पंचायत भवन निर्माण का कार्य जारी है.
केंद्र सरकार का स्पष्ट निर्देश होने के कारण इस बार डीपीआरओ के माध्यम से सभी पंचायतों को इंटरनेट सुविधा के साथ तत्पर रहने को कहा गया है.
कुछेक जगहों पर जहां समस्या है, उसके संदर्भ में जल्दी ही समुचित निर्णय लिया जायेगा. पीएफएमएस सिस्टम में उन्हें हर हाल में आना ही होगा.
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