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शहीद जवान सीताराम की पत्‍नी ने कहा, डीसी ऑफिस का चक्‍कर लगा कर थक चुकी हूं, सरकार सिर्फ घोषणा ही करती है

Sanjay

Bermo :  देश में युद्ध के दौर में एक ओर जहां प्रधानमंत्री शहीद जवानों की कुर्बानी को लेकर लगातार घोषणाएं कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गिरिडीह जिला के मधुबन अंतर्गत पालगंज के शहीद बीएसएफ जवान सीताराम उपाध्याय की पत्नी रेशमी उपाध्याय सरकार द्वारा की गयी घोषणाओं को पाने की आस में लगातार गिरिडीह डीसी कार्यालय के चक्कर काटने को विवश हैं. लगभग एक साल से कार्यालयों के चक्कर काटकर निराश हो चुकी रेशमी उपाध्याय ने सूबे के राज्य सरकार पर शहीदों को लेकर की जाने वाली घोषणा पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार सीमा पर शहीद होने वाले जवानों के आश्रितों को दी जाने वाली सुविधाओं को लेकर सिर्फ घोषणाएं ही करती है, उसे धरातल पर उतारने में आश्रितों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है.

गिरिडीह डीसी ने दिया था आश्वासन

बीएसएफ जवान की शहादत के बाद राज्य सरकार ने उनकी पत्नी को 10 लाख रुपया मुआवजा,गिरिडीह शहर में घर बनाने के लिए जमीन तथा अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की घोषणा की थी. सरकार द्वारा की गयी घोषणा को पाने की आस में शहीद की पत्नी कई बार गिरिडीह डीसी कार्यालय का चक्कर लगा आयीं. सीएम के जनसंवाद में फरियाद के अलावा विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर उन्हें अवगत कराने का काम किया परंतु आश्वासन के सिवा आज तक कुछ भी नहीं मिला. मामले को लेकर शहीद की पत्नी 25 फरवरी को गिरिडीह डीसी राजेश कुमार पाठक से भी मिलीं. गिरिडीह डीसी ने रेशमी को आश्वासन देते हुए कहा कि उन्हें अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का निर्णय लिया जा चुका है. 27 फरवरी को स्थापना समिति की बैठक में इसे पास करवाकर नौकरी देने के मामले का निष्पादन कर दिया जायेगा.

नहीं हुई बैठक

डीसी के आश्वासन के बाद भी रेशमी के मामले को लेकर फैसला नहीं हो सका. 27 को स्थापना समिति की होनेवाली बैठक ही नहीं हुई और एक बार फिर शहीद की पत्नी को दी जानेवाली नौकरी का मामला लटक गया.

10 माह पूर्व कश्मीर के अर्निया सेक्टर में शहीद हुये थे सीताराम

गिरिडीह जिला अंतर्गत मधुबन पालगंज के रहने वाले बीएसएफ के जवान सीताराम उपाध्याय कश्मीर के अर्निया सेक्टर में तैनात थे. 18 मई 2018 को पाकिस्तान की ओर से किये गये फायरिंग में बीएसएफ जवान सीताराम शहीद हो गये थे. शहीद का पार्थिव शरीर जब झारंखड पहुंचा तो राज्य सरकार ने शहीद जवान की पत्नी रेशमी उपाध्याय को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने, घर बनाने के लिए जमीन, पालगंज में तोरण द्वार, शहीद सीताराम की प्रतिमा आदि लगाने की घोषणा की थी.

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