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घोटाला: आंगनबाड़ी सामग्री खरीद में गड़बड़ी, 12 और 18 रुपये में खरीदी 10 रुपये वाली साबुन

Ranchi. आंगनबाड़ी में सामग्रियों की खरीदारी में घोटाला और अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है. यह मामला सिमडेगा जिला के कुरडेग बालविकास परियोजना कार्यालय का है.

जहां बिना टेंडर निकाले सामानों की खरीदारी की गयी. जिसमें कई तरह की अनियमितता पायी गयी है. खुदरा मूल्य से अधिक राशि देकर सामानों की खरीदारी की गयी. वहीं, सामानों की गुणवत्ता पर भी ध्यान नहीं दिया गया. इस बात की पुष्टि कुरडेग प्रखंड विकास पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट भी करती है.

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क्या है मामला

सिमडेगा जिला के कुरडेगा बाल विकास परियोजना कार्यालय में खरीदारी में गड़बड़ी का मामला तब प्रकाश में आया, जब सिमडेगा के रहने वाले श्रीकांत श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज की. उनकी ओर से आरटीआई के तहत मांगी गयी जानकारी में कई तरह की अनियमितता का मामला सामने आया है. उन्होंने महिला बाल विकास सचिव को भेजे शिकायत पत्र में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सिमडेगा कनक कुमारी तिर्की, नाजीर प्रसून कुमार सिन्हा और सहायक कोषागार पदाधिकारी शहजाद परवेज पर गड़बड़ी का आरोप लगाया.

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इसके बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी की ओर से जांच की गयी. जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ सामग्रियों की खरीद मूल्य में अंतर पाया गया है. जैसे साबुन और और वर्त धोने के साबुन का खुदरा मूल्य 10 रुपये अंकित किया गया है. जबकि रजिस्टर में खरीद मूल्य क्रमश: 12 रुपये और 18 रुपये दर्ज किया गया है. प्लास्टिक टब एवं रजिस्टर सहित कई अन्य चीजों की गुणवत्ता सही नहीं है.

बिना टेंडर की ली खरीदारी

शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराये गये पेपर के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए विभाग की ओर से सिमडेगा जिला को 18, 92, 000 रुपये आवंटित किये गये. इसमें जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सिमडेगा कनक कुमारी तिर्की, नाजीर प्रसून कुमार सिन्हा और सहायक कोषागार पदाधिकारी शहजाद परवेज की ओर से 18, 91,400 रुपये की खरीदारी की गयी. इस खरीदारी के लिए किसी तरह का कोई टेंडर नहीं निकाला गया है.

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खरीदारी के दौरान 7720 पीस बीम बार साबुन 18 रुपये की दर से खरीदा गया. जिसमें 61760 रुपये का घोटाला हुआ. इसी तरह 4825 पीस लाइफ ब्यॉय साबुन की खरीदारी 12 रुपये की दर से की गयी, जिसमें 9560 रुपये का घोटाला हुआ है.
जबकि नियमानुसार जिला समाज कल्याण पदाधिकारी की ओर से ऐसी कोई खरीदारी नहीं की जाती है.

विभाग की ओर से आवंटित राशि बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को जिला कल्याण पदाधिकारी की ओर से आवंटित की जाती है. जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सिमडेगा कनक कुमारी तिर्की की ओर से ऐसा न कर, सीधी खरीदारी सिमडेगा के सिमलेश्वरी इंटरप्राइजेज से कर ली गयी.

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