
Ranchi: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम्य सड़क योजना व आरसीपीडब्लूई योजना से झारखंड में बनायी जाने वाली सड़कों के पहले नई तकनीक अपनाने के लिए त्रिपक्षीय एमओयू करने का निर्देश राज्य के अधिकारियों को दिया है. यह एमओयू नेशनल रूरल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट अथॉरिटी, नई तकनीक को प्रोवाइड करने वाले सर्विस प्रोवाइडर व स्टेट रूरल डेवलपमेंट अथॉरिटी के बीच किया जायेगा. केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि हर हाल में राज्य सरकार यह प्रयास करे कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क बनाने के लिए नई तकनीक का उपयोग किया जाये.
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि जब तक त्रिपक्षीय एमओयू नहीं किया गया तबतक सड़क निर्माण के लिए राशि नहीं दी जायेगी. बता दें कि केंद्र ने हाल में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए नौ रोड व 14 पुल निर्माण की योजना की मंजूरी दी है. इन सड़कों को सीमेंट स्टेबलाइजेशन या अन्य नई तकनीक से बनाया जायेगा. भारत सरकार ने कहा है कि यह प्रयास किया जाये कि पारंपरिक तरीके से रोड की योजना कम से कम ली जाये ताकि योजना निर्माण में अधिक लागत नहीं आये. कई राज्यों में इस पर प्रयोग हुआ है. हालांकि, झारखंड के अधिकारियों का कहना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पारंपरिक तरीके से रोड बनाना बेहतर रहता. सुरक्षा कारणों से भी पांरपरिक तकनीक से रोड बनाना बेहतर होता है. कई दुर्गम इलाके में नई तकनीक के उपयोग में परेशानी आ रही है.
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