
Palamu : जिले के विभिन्न अंचलों में दो दर्जन से अधिक चलंत अवैध चिमनी ईंट भट्ठों के विरूद्ध कार्रवाई के बाद अब खनन विभाग स्थाई चिमनी ईंट भट्ठों पर कार्रवाई करने की तैयारी में है. इसे लेकर जिला खनन पदाधिकारी आनंद कुमार ने बुधवार को हरिहरगंज अंचल के कई ईंट भट्ठों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने चालू ईंट सत्र 2022-23 में ईंट निर्माण करने वाले सभी संचालकों को जिला खनन कार्यालय में अनुज्ञप्ति प्राप्त करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि राजस्व जमा करने में किसी तरह की उदासीनता बरतने वाले भट्ठों के संचालकों के विरुद्ध झारखंड लघु समनुदान अधिनियम के सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जायेगी.
इसे भी पढ़ें:कांग्रेस के डीएनए में सत्ता के लिये देश का विभाजन, भगवान बिरसा और सिदो कान्हू की विचारधारा पर भाजपाः दीपक प्रकाश
इसमें जुर्माना के साथ कार्य स्थल को सील करने का भी प्रावधान है. उन्होंने सभी भट्ठा संचालकों को आवश्यक कागजातों के साथ किसी भी कार्यावधि में जिला खनन में अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन जमा करने को कहा है.
निरीक्षण के दौरान हरिहरगंज के सियरभोका में मनोज कुमार के शिवम् ब्रिक्स का निरीक्षण किया. यहां से 15 लाख कच्चा ईंट व पांच लाख पक्का ईंट कार्यस्थल पर रखा हुआ पाया गया.
इसी तरह धनंजय सिंह के एसएसटी मार्का का कच्चा व पक्का 12 लाख ईंट, मनीष कुमार सिंह के एमएस मार्का का सात लाख ईंट व मौजा चंदाढाब के अवधेश मेहता के एसएसएस मार्का ब्रिक्स के ईंट पाये गये.
इसे भी पढ़ें:भोजपुरी मगही भाषा हटाने के विरोध में 27 फरवरी को रांची में “प्रतिकार सभा”




