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सदर अस्पताल रांची : टेंडर में बरती गयी अनियमितता, खरीद लिये गये बिना गुणवत्ता वाले सामान

प्रश्न यह उठता है कि यदि मानक के अनुसार सप्लाई नहीं किया गया तो विभाग और एनेस्थेसिया के प्रमुख के द्वारा बिना गुणवत्ता वाले सामानों को स्वीकार कैसे किया गया.

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Ranchi : सदर अस्पताल रांची में एनेस्थेसिया वर्कस्टेशन के लिए जिस स्पेशिफिकेशन के सामानों की मांग की गयी थी, उसकी खरीद नहीं करते हुए न्यूनतम दर के हिसाब से बिना गुणवत्ता वाले सामानों की खरीदारी कर ली गयी है. टेंडर के जरिए क्रय टेंडर में निर्धारित स्पेशिफिकेशन तय कर दिया गया था. एनेस्थेसिया वर्कस्टेशन के लिए USFDA & CE certification vkSj    USFDA &  European CE certification which confirm to EN 60601-2-13  की मांग की गयी थी.

पर जो वर्कस्टेशन में सप्लाई किया गया वो मानक के अनुसार नहीं है. अब प्रश्न यह उठता है कि यदि मानक के अनुसार सप्लाई नहीं किया गया तो विभाग और एनेस्थेसिया के प्रमुख के द्वारा बिना गुणवत्ता वाले सामानों को स्वीकार कैसे किया गया. इसके अलावा सप्लाई करने वालों को भुगतान किस आधार पर किया गया. शशिरंजन कुमार के आरटीआई के जवाब में इस मामले का खुलासा हुआ है. शशिरंजन कुमार ने क्रय समिति और एनेस्थेसिया विभाग के प्रमुख पर भी नियम के विरुद्ध जाकर क्रय करने का आरोप लगाया है.

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शशिरंजन कुमार ने बताया कि इस अनियमितता को लेकर वे बहुत ही गंभीर हैं. इस मामले को स्वास्थ्य और निगरानी विभाग के पास इस मुद्दे को रखने की योजना बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब यह देखना होगा कि इस सिस्टम का भ्रष्टाचार ऐसे ही चलता रहेगा या सरकार इस पर लगाम लगाने में कामयाब हो पायेगी.

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टेंडर प्रक्रिया पूरी किये बिना हो गयी खरीदारी

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घटना गुलीकेरा ग्राम पंचायत के बुरुगुलीकेरा गांव की है. सूचना है कि हत्या करने के बाद सभी लोगों के शव गांव के पास स्थित जंगल में फेंक दिये गये हैं.

सदर हॉस्पिटल,रांची के ऑनलाइन टेंडर 2017 HLTH_25489_2 E टेंडर – 1793,डेटेड 15.06.17  में बहुत ही बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतते हुए खरीदारी की गयी है. यह दावा आरटीआई एक्टिविस्ट  शशिरंजन कुमार ने किया है.  शशिरंजन कुमार ने बताया कि उक्त ऑनलाइन टेंडर 2017 का है. अभी भी स्टेटस प्राइस बिड ओपनिंग ही दिख रहा है. अभी प्राइस बिड नहीं खोला गया है .  वेबसाइट में यह स्पष्ट  है कि स्टैण्डर्ड प्रोटोकल में पहले Technical Bid Opening उसके बाद  Technical Evaluation तब Financial Bid Opening के बाद  Financial Evaluation किया जाता है. जिसके बाद देखा जाता है कि  न्यूनतम दर किसके द्वारा दिया गया है और उसके आधार पर आर्डर कॉपी जारी किया जाता है.

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बावजूद 2017_HLTH_25489_2 में क्रय समिति द्वारा बिना फाइनेंसियल बिड ओपनिंग और इवैल्यूएशन के ही क्रय आदेश सह सप्लाई स्वीकार कर भुगतान किया गया. जो नियम संगत नहीं है और यह ऑनलाइन टेंडर के प्रोटोकॉल का भी उललंघन है. शशिरंजन के अनुसार https://jharkhandtenders.gov.in की देखभाल रास्ट्रीय एजेंसी नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर (NIC) द्वारा की जाती है. उसका भी कहना है कि टेंडर अभी प्राइस बिड ओपनिंग स्टेटस में है और AOC के बाद ही क्रय आदेश दिया जायेगा.

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