
New Delhi : यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद से स्पेस इंडस्ट्री में भी तहलका मचा हुआ है. बुधवार को रूस ने एक सेटेलाइट लॉन्च करने वाले रॉकेट से कुछ देशों के झंडे को हटा दिया. इस पूरे मामले का वीडियो रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख दिमित्री रोगोजिन ने शेयर किया है.
ये लिखा रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख ने
वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, “बैकोनूर में हमारी टीम ने फैसला किया कि हमारा रॉकेट कुछ देशों के झंडे के बिना बेहतर दिखेगा.” वीडियो में देखा जा सकता है कि जहां भारतीय ध्वज रॉकेट पर लगा हुआ है, तो वहीं यूएस, जापान, यूके के झंडे हटाए जा रहे हैं. कजाकिस्तान के बैकोनूर में रूसी लॉन्च पैड से रूसी अंतरिक्ष रॉकेट से ये झंडे हटा दिए गए हैं.
क्या है पूरा मामला
रोस्कोस्मोस दिग्गज रूसी स्पेस एजेंसी है. जैसे भारत की इसरो दुनिया भर के सेटेलाइट अपने रॉकेट से लॉन्च करती है वैसे ही रोस्कोस्मोस भी करती है. रोस्कोस्मोस को अपने रॉकटे से 4 मार्च को तीन दर्जन वनवेब इंटरनेट सेटेलाइट को लॉन्च करना था. लेकिन अब रूसी एजेंसी ने इनकार कर दिया है.
Стартовики на Байконуре решили, что без флагов некоторых стран наша ракета будет краше выглядеть. pic.twitter.com/jG1ohimNuX
— РОГОЗИН (@Rogozin) March 2, 2022
इसने कहा है कि शुक्रवार (4 मार्च) को ये योजना के अनुसार तीन दर्जन वनवेब इंटरनेट सेटेलाइट को लॉन्च नहीं करेगा. खासतौर से तब तक जब तक कि वनवेब कंपनी नई मांगों को पूरा नहीं करती है.
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रूसी सोयुज रॉकेट से 36 उपग्रहों को करना था लॉन्च
वनवेब इंटरनेट आंशिक रूप से ब्रिटिश सरकार के स्वामित्व वाली कम्युनिकेशन सेटेलाइट कंपनी है. वनवेब का इरादा शुक्रवार को रूसी सोयुज रॉकेट पर 36 उपग्रहों को लॉन्च करने का था. लेकिन रोस्कोस्मोस ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि प्रक्षेपण नहीं होगा. इन्हीं सेटेलाइट को लॉन्च करने वाले रॉकेट का ये वीडियो है जिसमें कुछ देशों के झंडों को हटाते हुए दिखाया जा रहा है.
एजेंसी ने ट्विटर पर पोस्ट किया, “रोस्कोसमोस गारंटी मांगता है कि वनवेब उपग्रहों का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाएगा. रूस के खिलाफ ब्रिटेन के शत्रुतापूर्ण रुख के कारण, लॉन्च के लिए एक शर्त ये भी है कि ब्रिटिश सरकार वनवेब से हट जाए.”
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