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JHARKHAND BUDGET: सहायक शिक्षकों के मानदेय के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान, रिमेडियल क्लासेस के लिए 40 करोड़ अतिरिक्त

Ranchi : राज्य में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार कई मदों में राशि आवंटित की है. इस कड़ी में राज्य सरकार ने पारा शिक्षक (अब सहायक शिक्षक) उनके मानदेय के लिए राज्य योजना अंतर्गत 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इस आशय की जानकारी आज वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने विधान सभा पटल पर राज्य का बजट पेश करते हुए दी.

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1828 पंचायत पूरी तरह जीरो ड्रॉपआउट

उन्होंने शिक्षा के विषय पर बताया है कि राज्य में 1828 ऐसे पंचायत हैं जो पूरी तरह से जीरो ड्रॉपआउट घोषित किए जा चुके हैं. इन पंचायतों में एक भी बच्चा ऐसा नहीं है जो स्कूल ना जाता हो. वहीं सरकार ने आगामी वर्ष में 1000 और पंचायतों को जीरो ड्रॉपआउट पंचायत बनाने का लक्ष्य रखा है. वैश्विक महामारी के दौरान राज्य के लगभग 6 लाख बच्चे ऐसे थे, जो स्कूल से बाहर हो गए थे. इनमें से 4 लाख 23 हजार बच्चे फिर से स्कूलों में नामांकन लेकर पढ़ाई शुरू किए हैं.

इन बच्चों के फिर से नामांकन को लेकर राज्य सरकार ने उत्साह दिखाया है. साथ ही जो बच्चे अभी स्कूल से बाहर हैं उनको फिर से स्कूल में जोड़ने के लिए सेतु पाठ योजना प्रारंभ की गई है.

वही जिन बच्चों की पढ़ाई में समस्या आ रही है उनके लिए रिमेडियल क्लासेस प्रारंभ किया गया है. इस वित्तीय वर्ष में इस रिमेडियल क्लासेस के लिए 40 करोड़ अतिरिक्त प्रदान किया गया है.

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वही स्कूल में बच्चे आए हैं और अच्छे तरीके से पढ़ाई कर सकें इसके लिए मध्यान भोजन के अंतर्गत पोषाहार जिसमें अंडा और फल शामिल है इसके लिए 136 करोड़ का प्रावधान किया गया है.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के निहित प्रावधानों के अनुसार राज्य में शिक्षक छात्र अनुपात बेहतर हो इसके लिए शिक्षकों के पद सृजन किए जा रहे हैं. वहीं ज्ञानोदय योजना के अंतर्गत स्कूलों में गणित और विज्ञान के लैब बनाने की योजना है साथ ही शिक्षकों को 42 हजार टैब उपलब्ध कराया जाएगा.

राज्य के कुल 84 मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ाने की दृष्टिकोण से उन स्कूलों में हॉस्टल का निर्माण कराया जा रहा है. साथ हीं जो बच्चे केवल डे बोर्डिंग में आना चाहते हैं उनके लिए ट्रांसपोर्टेशन भी उपलब्ध कराने की योजना है.

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