
Ranchi: ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायती राज विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत मुख्यालय, बजट, विधि-विधायी, सीपी ग्राम पोर्टल, जनसंवाद तथा अंकेक्षण शाखा को पूर्व की भांति उन्हीं विभागो को वापस कर दिया है. हालांकि, राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यक्रम, एनआरईपी की स्थापना व प्रशासनिक नियंत्रण से संबंधित कार्य को ग्रामीण विकास विभाग में चिंहित किए जाने के कारण इससे संबंधित संचिका ग्रामीण विकास विभाग को दी जायेगी.
बता दें कि राज्य सरकार ने अप्रैल माह में ही एक अधिसूचना जारी कर ग्रामीण विकास विभाग से अलग कर पंचायती राज व ग्रामीण कार्य विभाग के रूप में अधिसूचित किया था, लेकिन अभी तक स्थापना कार्य सहित सभी शाखाएं अलग नहीं हुई थीं. ऐसे मे अब ग्रामीण विकास विभाग ने दोनों विभागो को सभी स्थापना आदि कार्य सौंप दिए.
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झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी व सचिवालय सेवा संवर्ग के तीनों विभागों के चिंहित्त, स्वीकृत पद मान्य होंगे तथा उक्त अनुसार ही तीनों विभागो में प्रशाखाओं के स्वीकृत बल अब समझे जायेंगे.
यानि इन सेवाओं के अधिकारियों-कर्मियों की सेवा उन्हीं विभागो में रखी गयी है. ऐसे में अब ग्रामीण विकास विभाग से ग्रामीण कार्य और पंचायती राज विभाग पूरी तरह से अलग होकर स्वतंत्र रूप से काम करेंगे. इस संबंध में विभागीय सचिव डॉ. मनीष रंजन के हस्ताक्षर से आदेश जारी कर दिया गया है.
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