
NewDelhi: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राकेश सिन्हा, सोनल मानसिंह, रघुनाथ महापात्र और राम सकल सिंह को राज्यसभा के लिये मनोनीत किया है. दरअसल फिलहाल 245 सदस्यीय राज्यसभा में चार सीटें खाली थीं, जो राष्ट्रपति के द्वारा मनोनीत होने थे. और संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए और प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने इन चार लोगों को राज्यसभा के लिये मनोनीत किया है.
इसे भी पढ़ेंःआरटीआई के दायरे में निजी स्कूलः तमिलनाडु सूचना आयुक्त
बता दें कि चार मनोनीत होने वाले सदस्यों को लेकर पिछले कुछ दिनों से कयास लगाए जा रहे थे. लेकिन सरकार ने इन चार नामों का चुनाव कर राष्ट्रपति के पास भेजा था जिस पर कोविंद ने अपनी मुहर लगा दी है. बता दें कि राकेश सिन्हा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक के तौर पर जाने जाते हैं और तमाम न्यूज चैनलों पर सरकार और RSS का पक्ष रखते रहे हैं.
कौन हैं चारों मनोनीत सदस्य
उत्तर प्रदेश के राम सकल सिंह ने दलित समुदाय के कल्याण एवं बेहतरी के लिये काम किया है. एक किसान नेता के रूप में उन्होंने किसानों, श्रमिकों के कल्याण के लिये काम किया. वह तीन बार सांसद रहे और उत्तरप्रदेश के राबर्ट्सगंज का प्रतिनिधित्व किया था .
वही राकेश सिन्हा दिल्ली स्थित विचार समूह ‘इंडिया पालिसी फाउंडेशन के संस्थापक और मानद निदेशक हैं. वे दिल्ली विश्वविद्यालय में मोतीलाल नेहरू कालेज में प्रोफेसर और भारतीय सामाजिक विज्ञान शोध संस्थान के सदस्य हैं. वे नियमित रूप से समाचारपत्रों में आलेख लिखते हैं.
रघुनाथ महापात्र ओडिशा जाने-माने मूर्तिकार हैं. महापात्रा पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित हैं. रघुनाथ का पारंपरिक स्थापत्य और धरोहरों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उन्होंने श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी के सौदर्यीकरण कार्य में हिस्सा लिया. उनके प्रसिद्ध कार्यो में छह फुट लम्बे भगवान सूर्य की संसद के सेंट्रल हाल में स्थित प्रतिमा और पेरिस में बुद्ध मंदिर में लकड़ी से बने बुद्ध हैं.
सोनल मान सिंह प्रसिद्ध भरतनाट्यम और ओडिसी नृत्यांगना है और छह दशकों से इस क्षेत्र में योगदान दिया है. और वो पद्म विभूषण, पद्म भूषण और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित हैं.
न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.




