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RSS के गुरुमूर्ति ने कहा, JNU का DNA भारत विरोधी,  इसे सुधारा जाये, नहीं तो बंद किया जाये

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NewDelhi :  Rss के विचारक स्वामीनाथन गुरुमूर्ति ने कहा है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) का DNA देश के खिलाफ है. इसे या तो सुधारा जाये, या फिर इसे तुरंत बंद कर दिया जाना चाहिए.  स्वामीनाथन गुरुमूर्ति यह विचार  हाल ही में हुई जेएनयू कैंपस हिंसा को लेकर प्रकट किये हैं.

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JNU के गठन की पृष्ठभूमि भारत विरोधी

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खबरों के अनुसार मंगलवार, 14 जनवरी को चेन्नई में Rss विचारक व तुगलक पत्रिका के संपादक एस गुरुमूर्ति ने तुगलक पत्रिका की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में JNU के गठन की पृष्ठभूमि को भारत विरोधी करार दिया. कहा कि इसके निर्माण का मकसद देश की परंपराओं, आध्यात्मिकता और मूल्यों का विरोध करना रहा है.

गुरुमूर्ति ने इस क्रम में कहा कि 1969 में जब कांग्रेस का विभाजन हुआ और कम्युनिस्ट पार्टी इंदिरा गांधी के समर्थन में आयी.  इसके बाद कम्युनिस्ट पार्टी ने इंदिरा गांधी से शिक्षा विभाग मांगा थी. इसके बाद नूर हासन शिक्षा मंत्री बनाये गये थे.  कहा कि JNU के निर्माण के पीछे उनका ही दिमाग था.

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1982 में 43 दिनों तक JNU बंद रहा था 

गुरुमूर्ति ने कहा कि  ऐसा नहीं है कि JNU पहली बार सरकार के खिलाफ हुआ और हिंसा हुई है.  इससे पहले 1982 में भी ऐसी ही घटना हुई थी जब JNU देश के खिलाफ खड़ा हुआ था.  उस समय पुलिस को JNU के अंदर भेजा गया था और छात्रों की पिटाई हुई थी.  इस घटना में  43 दिनों तक विश्वविद्यालय बंद रहा था.

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JNU को सुधारने की जरूरत है

गुरुमूर्ति ने कहा कि JNU का DNA इस देश के खिलाफ है.  हर कोई इस बात को जानता है.  गुरुमूर्ति ने कहा कि  JNU को सुधारने की जरूरत है और अगर ऐसा नहीं किया जा सकता है, तो इसे बंद कर दिया जाना चाहिए.  गुरुमूर्ति रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के अल्पकालिक निदेशक भी रह चुके हैं.  कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता रजनीकांत भी मौजूद थे.

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