
Dhanbad : धनबाद में कोरोना संक्रमित एक मरीज की जान चली गई. जिसके बाद मृतक के परिजनों ने असर्फी अस्पताल में खूब हंगामा किया. मृतक के परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज की मौत हुई है. परिजनों का आरोप है कि उन्होंने अस्पताल को रेमडेशिविर इंजेक्शन की तीन डोज दी थी, इनमें मरीज को सिर्फ एक ही डोज दी गई. दो डोज बचा लिया गया. इतना ही नहीं डॉक्टर के निर्देश के बावजूद मरीज को ऑक्सीजन नहीं लगाया गया, जिससे मरीज की जान चली गई.
मालूम हो कि 16 अप्रैल को धनबाद थाना क्षेत्र के लुबी सर्कुलर रोड निवासी ने 55 वर्षीय मां की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जिले असर्फी अस्पताल में भर्ती कराया था. मरीज के परिजनों का आरोप है कि विजिट पर मरीज को देखने आए डॉक्टर ने ऑक्सीजन देने का निर्देश दिया था. लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया. मरीज के परिजनों का कहना है कि उन्होंने जिले के उप विकास आयुक्त दशरथ चंद्र दास को कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया जिसके बाद परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर था और गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया.
हंगामे की सूचना पाकर सदर थाना की पुलिस इंस्पेक्टर विनय कुमार अपने दल बल के साथ अशर्फी अस्पताल पहुंची जहां पुलिस के साथ परिजनों कि जमकर नोकझोंक भी हुई. परिजनों का आरोप है कि उन्होंने मरीज को लगाने के लिये रेमडेशिविर इंजेक्शन का तीन डोज अस्पताल को दिया था. अस्पताल ने एक ही डोज लगाया. इंजेक्शन नहीं लगाने और ऑक्सीजन नहीं देने की वजह से मरीज की जान गई.




