-पूरे मामले में रिम्स निदेशक को बताया जा रहा था दोषी
-नियमों के अनुसार जिन्हें दिया जाना है निदेशक का प्रभार वो भी हैं जांच के घेरे में
Kumar Gaurav
Ranchi: राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में थर्ड और फोर्थ ग्रेड नियुक्ति मामले में मनमानी की बात सामने आयी है. इसको लेकर रिम्स के अधीक्षक विवेक कश्यप और रिम्स की डीन मंजू गाड़ी पर कार्रवाई हो सकती है. रिम्स में हुई नियुक्ति में गड़बडी के बाद जांच समिति गठित की गयी थी. जांच में पाया गया था कि विज्ञापन संख्या 955 ए और बी में समुचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था.
साथ ही राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन भी किया गया था. जिसके बाद स्वास्थ्य सचिव ने रिम्स निदेशक को पत्र लिखकर दोषी पदाधिकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के आदेश दिये थे. स्वास्थ्य विभाग के आदेश के बाद चयन समिति के सदस्य और स्क्रूटिनी समिति के सदस्य नपेंगे. स्क्रूटिनी और चयन समिति में कुल 12 लोग थे.
जिन्हें चिन्हित कर रिम्स निदेशक के द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. बता दें कि रिम्स के निदेशक का चयन एम्स भटिंडा में हुआ है. वे जल्द ही भटिंडा चले जाएंगे. जिसके बाद रिम्स के नियमों के अनुसार निदेशक का प्रभार सबसे वरीय प्रोफेसर को दिया जाता जो वर्तमान में मंजू गाड़ी हैं. और उनपर भी जांच संभव है.
जिन पदों पर नहीं हुई नियुक्ति उसे किया जाएगा रद्द
थर्ड और फोर्थ ग्रेड के जिन पदों पर अभी नियुक्ति नहीं की गयी है. उन्हें तत्काल रद्द किया जाएगा. साथ ही जिन पदों पर नियुक्ति कर ली गयी है, उसमें रिम्स नियमावली और राज्य सरकार के आदेशों के तहत समीक्षा की जाएगी. जिसके बाद कार्रवाई होगी. इसके अलावा थर्ड और फोर्थ ग्रेड में स्थानीय नियोजन से संबंधित संकल्प के मामले में कार्रवाई की जाएगी. रिम्स शासी परिषद के अनुमोदन से थर्ड और फोर्थ ग्रेड के नियुक्ति के लिए नियमावली गठित करने के निर्देश दिये गये हैं.
ये थे चयन समिति के सदस्य
-डॉ मंजु गाड़ी, डीन, रिम्स
-डॉ विवेक कश्यप, चिकित्सा अधीक्षक
-उप निदेशक रिम्स
-जेठा नाग शासी परिषद के सदस्य
-संबंधित विभाग के प्रोफेसर/ असिस्टेंट प्रोफेसर
ये थे स्क्रूटिनी समिति के सदस्य
-डॉ ए के दुबे प्राध्यापक एनाटॉमी
-डॉ कुसूम कुमारी, फॉर्माकोलॉजी
-डॉ राजीव रंजन, एनाटॉमी
-डॉ सुनील कुमार महतो, पैथोलॉजी




