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छह साल में भी पूरा नहीं हो पाया रांची शहरी जलापूर्ति फेज-1 का काम

समय पर कार्यादेश के 40 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं होने पर कंपनी को काली सूची में डालते हुए सरकार ने एलएनटी को बढ़ी हुई लागत पर काम दे दिया था.

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Ranchi : केंद्रीय सहायता से बन रहे रांची शहरी जलापूर्ति फेज-1 का काम छह वर्षों में भी पूरा नहीं हो पाया है. सितंबर 2011 में हैदराबाद की कंपनी आइवीआरसीएल को 285 करोड़ रुपये का शहरी जलापूर्ति योजना का काम मिला था. समय पर कार्यादेश के 40 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं होने पर कंपनी को काली सूची में डालते हुए सरकार ने एलएनटी को बढ़ी हुई लागत पर काम दे दिया था.

सरकार की तरफ से एलएनटी को दुबारा कार्यादेश दिलाने के मामले में राज्य मंत्रिमंडल की तरफ से विशेष कैबिनेट की बैठक भी बुलायी गयी थी. अब एलएनटी की मियाद भी पूरी हो गयी. योजना को पूरा करने में अब भी कई जगहों पर जमीन
नहीं मिलना एक सबसे बड़ा प्रमुख कारण है. यहां यह बताते चलें कि केंद्र सरकार ने जवाहर लाल नेहरू शहरी पुनरुद्धार योजना (जेएनयूआरएम) के तहत झारखंड सरकार को पैसे दिये गये थे. राज्य सरकार के नगर विकास विभाग की तरफ से योजना को पूरा करने के लिए पेयजल और स्वच्छता विभाग को पैसे दिये गये थे.

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एलएनटी की मियाद भी हो गयी है पूरी

अक्तूबर 2017 में ही एलएनटी को दिया गया समय समाप्त हो गया है. इसकी वजह से रांची शहर के पांच लाख से अधिक आबादी को पानी पिलाने की योजना सुस्त पड़ी हुई है. रांची नगर निगम क्षेत्र के बाहर और रिंग रोड से जुड़े इलाकों में जलापूर्ति शुरू करने की सरकार ने महात्वाकांक्षी योजना बनायी थी. इसके लिए पुनदाग, सिमलिया, हटिया, तुपुदाना, रामपुर हाट, हरमू स्थित
प्रदेश भाजपा कार्यालय के पीछे, 56 सेट, ललगुटुआ में ओवरहेड पानी की टंकी और इससे जुड़े इलाकों में पाइपलाइन बिछाया जाना था. पेयजल और स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के अनुसार पुनदाग, सिमलिया, रामपुर हाट और प्रदेश भाजपा कार्यालय के पीछे अब तक जिला प्रशासन की तरफ से योजना के लिए जमीन अधिग्रहित कर एलएनटी को नहीं दी गयी है.

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बनाया जाना था दो लाख गैलन क्षमता का ओवरहेड टैंक 

रूक्का डैम के पास 110 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार योजना के मुख्य अव्यय के अंतर्गत रूक्का डैम के पास 110 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाना था. यह प्लांट बन कर तैयार है. शहर में तीन सौ किलोमीटर से अधिक दूरी तक विभिन्न व्यास के पाइपलाइन भी बिछाये जाने थे, जो बिछा दिये गये हैं. इतना ही नहीं पुनदाग, हटिया सिंहमोड़, डोरंडा समेत आठ जगहों पर दो लाख गैलन क्षमता का ओवरहेड टैंक बनाया जाना था. इसमें से चार ओवरहेड टैंक और संप का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है. योजना के तहत रूक्का डैम से बूटी जलागार होते हुए हटिया पाइपलाइन जलापूर्ति में से फेज-1 के 30 प्रतिशत काम को पूरा कर लिया गया है. पेयजल और स्वच्छता विभाग के अवर प्रमंडल हटिया, सुवर्णरेखा शीर्ष कार्य प्रमंडल, अवर प्रमंडल गोंदा को जोड़ा गया था.

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