
Ranchi: नेताजी गृह निर्माण स्वावलंबी सहकारी समिति के सदस्यों के द्वारा संचालित सोसाइटी के लिए ट्रिब्यूनल ने अभूतपूर्व फैसला दिया है. ट्रिब्यूनल कोर्ट में सदस्यों की ओर से पैरवी कर रहे झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता प्रकाश कुमार सिंह ने बताया की मेकॉन के पूर्व कर्मचारियों के द्वारा एक सोसाइटी का 2002 में गठन किया गया था , जिसका उद्देश सभी सदस्यों के लिए गृह का निर्माण कराना था परंतु उसके पूर्व के निदेशकों के द्वारा अभी तक इस पर कुछ भी कार्रवाई नही किया गया और ना ही इनको घर और न प्लॉट मिला.
इसे भी पढ़ें: झारखंड: संजय श्रीवास्तव बने पीसीसीएफ,दिया योगदान
नेताजी गृह निर्माण स्वावलंबी सहकारी समिति के सदस्यों के द्वारा अपने ही समिति के सीईओ और निदेशकों के ऊपर झारखंड सेल्फ सपोर्टिंग कोऑपरेटिव सोसायटी ट्रिब्यूनल रांची के समक्ष एक आवेदन 22 जुलाई 2022 को दिया गया था ,जिस पर संज्ञान लेते हुए ट्रिब्यूनल के चेयरपर्सन ने सारे बिंदुओं पर जांच करते हुए 7 अक्टूबर को एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला सुनाया, जो झारखंड राज्य के समितियों के निदेशकों के लिए एक गाइडलाइन देते हुए भविष्य में चुनाव में भाग नही लेने के लिए डीबार करते हुए ब्लैकलिस्ट किया है, इस फैसले से झारखंड के तमाम गृह निर्माण समिति के सदस्यों को राहत मिली है और एक मिसाल स्थापित हुआ है.




