
Ranchi: राजधानी में अचानक आवारा कुत्तों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है. शहर के विभिन्न इलाकों में स्ट्रीट डॉग्स का झुंड दिख जाता है. शाम ढलते ही ये लोगों को परेशान करना शुरू कर देते हैं. इतना ही नहीं लोगों को ये अपना शिकार भी बना रहे हैं. इस वजह से शहर के लोग परेशान है. लोगों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए रांची नगर निगम एजेंसी की तलाश कर रहा है. जो न केवल कुत्तों की आबादी कंट्रोल करने के साथ ही उनका वैक्सीनेशन भी करेगी.
चुटिया में है निगम का सेंटर
शहर की सड़कों पर लावारिस घूमते कुत्तों की बढ़ती संख्या पर लगाम लगाकर लोगों को देने के लिए नगर निगम चुटिया में सेंटर चला रहा है. जहां पर शहर से पकड़े गए कुत्तों को लाकर उन्हें स्टरलाइज किया जाता है. जिससे कि एनीमल बर्थ कंट्रोल किया जा सके. इसके अलावा उन्हें एंटी रैबीज का इंजेक्शन भी लगाया जाता है जिससे कि अगर किसी को ये काट ले तो उन्हें कोई इंफेक्शन न हो. बताते चलें कि पिछले कई सालों से यह काम होप एन एनीमल ट्रस्ट एजेंसी कर रही थी.
हर दिन डॉग बाइट के 200 मामले
आवारा कुत्तों की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं. कुत्तों के काटने की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सदर हॉस्पिटल में डॉग बाइट का इंजेक्श लगवाने के लिए औसतन 200 लोग हर दिन पहुंच जाते हैं. वहीं बीच-बीच में यह आंकड़ा तीन सौ को भी पार कर जाता है. ऐसे में नगर निगम लावारिस कुत्तों के बर्थ कंट्रोल से लेकर वैक्सीनेशन को लेकर भी गंभीर है. वहीं कुतों के लिए एक और सेंटर खोलने की तैयारी है. जिससे कि ज्यादा से ज्यादा कुत्तों को शेल्टर होम में रखा जा सके. वहीं प्रापर वैक्सीनेशन के बाद उन्हें वापस उसी इलाके में छोड़ दिया जाए जहां से पकड़ा गया था.




