
Dhanbad : झरिया विधानसभा से आजसू प्रत्याशी अवधेश यादव के लिए प्रचार करने आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो शुक्रवार को झरिया के जामाडोबा पिला ग्राउंड पहुंचे. यहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया. सभा को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि झरिया विधानसभा की राजनीति दो परिवारों के बीच सिमट कर रह गयी है. झरिया में खूनी संघर्ष की राजनीति होती है. इस राजनीति के कारण झरिया का विकास रुक गया है. झरिया का अस्तित्व खतरे में जा चुका है.
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यहां के नेता जनता की सेवा करना भूल गये
सुदेश महतो ने कहा झरिया के नेता 80 के दशक में झरिया की जनता के लिए काम करते थे लेकिन 90 से 2000 और 2000 के बाद से यहां के नेता जनता की सेवा करना भूल गये. अब झरिया के नेताओं ने झरिया की जनता से सेवा लेना शुरू कर दिया है.
सुदेश महतो ने कहा झरिया की राजनीति का नारा है खून का बदला खून से. जो लोग ये नारा और ऐसे पोस्टर लगाएंगे वो झरिया की जनता की सेवा क्या करेंगे. ऐसे नेताओं के घर जाने के लिए भी झरिया की जनता को हजार बार सोचना होगा. अब ऐसे नेताओं से विकास की बात तो बेमानी ही होगी.
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आजसू की सरकार बनी तो नगर इकाई में शामिल झरिया के सभी गांव अलग होंगे
सुदेश महतो ने झरिया विधानसभा की जनता से आग्रह किया कि अगर भयमुक्त झरिया चाहिए और झरिया का विकास चाहिए तो आजसू के प्रत्याशी अवधेश यादव को 16 दिसंबर को केला छाप पर बटन दबायें और अवधेश यादव को भारी से भारी मतों से विजयी बनायें. सभा के दौरान सुदेश महतो ने यह भी कहा कि अगर झारखंड में आजसू की सरकार बनी तो झरिया के जितने भी गांव नगर इकाई में शामिल किये गये हैं उसे फिर से गांवों में शामिल किये जायेंगे. क्योंकि आजसू पार्टी का नारा है अबकी बार, गांव की सरकार.
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