
Ranchi: शेल कंपनियों में झारखंड के सीएम हेमंत के करीबियों द्वारा कथित रूप से अवैध निवेश और माइनिंग लीज आवंटन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. इसमें प्रार्थी शिवशंकर शर्मा की ओर से आगे की सुनवाई के लिए यह कहते हुए वक्त मांगा कि वह अपना वकील बदलना चाहते हैं. इसपर राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि इनके अधिवक्ता राजीव कुमार एक मामले में गिरफ्तार हुए हैं. इसपर कोर्ट ने मौखिक रूप से ईडी और अन्य प्रतिवादियों को यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी. अब इस मामले की सुनवाई 12 अगस्त को होगी.इस आशय की जानकारी महाधिवक्ता राजीव रंजन ने दी.
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झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन के करीबियों के शेल कंपनियों में निवेश एवं सीएम को माइनिंग लीज आवंटन मामले में हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दायर की गई है.मामले की सुनवाई जस्टिस यू यू ललित,जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस सुधांशु धुलिया की खंडपीठ कर रही है.उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें झारखंड हाईकोर्ट ने सीएम के करीबियों के शेल कंपनी चलाने व सीएम को माइनिंग लीज देने के खिलाफ दायर याचिका को वैध मानते हुए सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया गया है.इस मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में भी चल रही है और इसकी अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी.
सुप्रीम कोर्ट में हुए पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर सुनवाई स्थगित करने का आग्रह किया था. इस पर शीर्ष कोर्ट ने सुनवाई 4 अगस्त को तय किया था.




