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#Ranchi डीसी राय महिमापत रे ने ऐसा क्या किया कि कुवैत में रह रहे युवक ने कहा- थैंक्यू डीसी सर

Ranchi  : “आदरणीय सर, Thanks for your supporting और मुझे समझने के लिए. यह एक बहुत ही गंभीर विषय था. मैं घबराया हुआ था. लेकिन आप ने अपनी गाड़ी मेंदाता अस्पताल मेरे पिता के इलाज के लिए भेजवायी. मैं सच मैं झारखंड सरकार का इस मदद के लिए शुक्रिया अदा करना चाहता हूं. इस महामारी में भी मुझे मदद मिली. आपको, आपकी पूरी टीम और झारखंड सरकार को बहुत धन्यवाद.”

ऐसा लिखा है कुवैत में रहने वाले एक बेटे ने जिसके पिता इस कोरोना संकट के दौरान अपने घऱ में हमेशा की तरह इलाज करवाने के इंतजार में खिड़की में टकटकी लगाये रहते थे. उनकी उम्मीद उस वक्त और अब भी उनका बेटा ही था जिससे उन्होंने कई बार बताया कि बेटा मैं बीमार हूं. हमेशा की तरह इलाज की जरूरत है.

बेटे ने हरबार की तरह कुछ करने की कोशिश की. लेकिन कोरोना संकट कहां उसे कामयाब होने देने वाला था.आखिर में उसे एक बात सूझी, क्यों नहीं जिला प्रशासन से संपर्क किया जाये और उसे अपना कष्ट बताया जाये.

यही हुआ शुक्रवार की रात को. हालांकि जब यह मैसेज ट्विटर के माध्यम से डीसी रांची राय महिमापत रे के पास पहुंचा, उस समय डीसी कोटा से आने वाले विदयार्थियों को उनके घर पहुंचाने की जुगत में भिड़े थे.

उस समय यह संभव नहीं था कि सारी औपचारिकताओं को पूरी करते हुए डीसी के माध्यम से जिला परिवहन पदाधिकारी कोई पास उपलब्ध करा सकें.

बरहाल डीसी ने बिना कुछ सोचते हुए जरूरत पीडित परिवार को अपने ही सरकारी वाहन से मदद पहुंचाने की सोची. जो उस परिवार के लिए एक फरियाद पूरी होने जैसा माना गया.

इसलिए कुवैत से फैज अख्तर ने रांची डीसी राय महिमापत रे को लिखा, थैंक्यू सर.

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सात समुद्र पार बैठे फरियादी को मिली मदद 

राजधानी का कोरोना हॉटस्पॉट बन चुके हिंदपीढ़ी इलाके में रहने वाले लोगों के लिए रांची जिला प्रशासन हर तरह से सहयोग कर रहा है. रांची के डीसी राय महिमापर रे स्वयं इस बात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं कि यहां रहने वाले लोगों को किसी तरह की कोई तकलीफ न हो.

इसके लिए वे लगातार अपने ऑफिशियल ट्विटर पर सक्रिय हैं. अगर कोई भी व्यक्ति उनसे मदद की गुहार लगा रहा है तो वे व्यक्तिगत रूप से भी उस व्यक्ति की मदद को पीछे नहीं हट रहे हैं.

ठीक ऐसा ही एक वाकया निजाम नगर स्थित खेत मोहल्ला में रहने वाले एक मरीज सौहेल अख्तर को लेकर है. जिसे रांची डीसी ने अपने स्तर पर मदद पहुंचायी है.

डीसी से मदद मांगने वाला व्यक्ति देश से बाहर सात समुद्र पार बैठा हो और हिंदपीढ़ी इलाका पूरी तरह से सील किया गया है. ऐसे में पीड़ित व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत वाहन से मदद पहुंचाकर रांची डीसी ने कोरोना से लड़ रहे वारियर्स के समक्ष एक मजबूत संदेश दिया है.

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फरियादी के पिता का मेंदाता में चल रहा इलाज, लॉकडाउन से एंबुलेंस सेवा लेने में हो रही थी दिक्कत

दरअसल रांची डीसी को कुवैत में रह रहे एक व्यक्ति जिसका नाम फैज अख्तर है, ने अपने पिता सौहेल अख्तर के लिए रांची डीसी राय महिमापत से ट्विटर पर एक मदद मांगी थी.

उन्होंने डीसी को कहा था कि उनके पिता हिंदपीढ़ी में खेत मोहल्ला स्थित निजाम नगर के हाजी मौजाम गली में रहते है. उनका फोन नंबर 8210933254 है. उनके पिता को स्वास्थ्य की गंभीर समस्या है.

उनका नियमित इलाज राजधानी के प्रतिष्ठित मेदांता अस्पताल में चल रहा है. लेकिन चूंकि लॉकडाउन के कारण पूरे इलाके को जिला प्रशासन ने सील किया है. इस कारण उनके घर तक एंबुलेंस सेवा केवल जिला प्रशासन के आदेश पर ही पहुंच सकती है.

अगर वे उन्हें इसका परमिशन दे दें, तो वे मेंदाता अस्पताल से कोर्डिनेट कर एंबुलेस सेवा ले सकते हैं. इसके साथ ही उन्हें कुछ आवश्यक दवाइयों की भी आवश्यकता है. लेकिन ऑनलाइन सेवा देने वाले भी इस इलाके में दवाइयों की डिलीवरी नहीं कर पा रहे है.

फरियादी फैज अख्तर ने डीसी को कहा कि अभी वे देश से बाहर कुवैत के एक हॉस्पिटल में कार्यरत है. ऐसे में मेरे लिए यह संभव नहीं है कि वे कुछ प्रयास कर सकें. इसके लिए रांची डीसी उन्हें तत्काल मदद दें.

सरकारी वाहन भेज पीड़ित की डीसी ने की मदद, फरियादी ने कहा, थैंक्यू सर

चूंकि शुक्रवार का दिन रांची जिला प्रशासन के लिए विशेष दिन था. इस दिन तेलंगाना से लगभग 1200 मजदूर विशेष ट्रेन से हटिया स्टेशन आ रहे थे.

इस व्यवस्था के लिए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह से स्टेशन में केंद्रित था. लेकिन फिर भी रांची डीसी ने फरियादी की बात को गंभीरता से लिया. राय महिमापर रे ने फरियादी से पूरा डिटेल मांगा.

उसके बाद उन्होंने न केवल अपने व्यक्तिगत वाहन को मेदांता अस्पताल भेजा, बल्कि मेडिकल टेक्निशियन को बुलाकर पीड़ित व्यक्ति सौहेल अख्तर का इलाज भी कराया.

साथ ही दूसरी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध करायीं. डीसी महिमापत रे द्वारा पहुंचायी मदद के लिए कुवैत में रह रहे फैज ने कहा, ‘थैंक्यू डीसी सर.’

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