
Ranchi : रांची का सदर अस्पताल राज्यवासियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को लेकर सदर अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाया गया था.
जिससे राज्यवासियों को काफी राहत मिली थी. कोरोना के समय सदर अस्पताल में कई लोगों की जिंदगी बची थी. आज एक बार फिर सदर अस्पताल ने एक मरीज को नयी जिंदगी दी है.
कोरोना वायरस की दूसरी लहर खत्म होते ही आज सदर अस्पताल में पहला ऑपरेशन किया गया. मरीज अंबिका मैती का सफल ऑपरेशन हुआ है. मरीज की उम्र करीब 25 साल है और वह चटकपुर पिस्का मोड़ की रहने वाली है.
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वह पिछले 1 वर्ष से पेट के दर्द से परेशान थी. इस शिकायत को लेकर उन्होंने सदर इमरजेंसी में डॉक्टर चेकअप करवाया था. डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कर देखा कि दो बड़े पत्थर पित्त की थैली में फंसे हुए हैं. जिसके कारण पित्त की थैली में सूजन आ गयी थी. जिसे डॉक्टर ने ऑपरेशन कर बाहर निकाला.
डॉक्टर ने कहा कि मरीज की स्थिति अभी ठीक है. अब मरीज को दर्द से आराम मिल सकेगा. सब कुछ ठीक रहा तो मरीज को एक-दो दिन के अंदर छुट्टी भी दे दी जाएगी. ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ अजीत कुमार, डॉक्टर नीरज कुमार, सिस्टर माधुरी सबिता, ओटी सहायक प्रणव शामिल थे.
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सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ एस मंडल ने कहा कि अमूमन इस प्रकार की ऑपरेशन बाहर के किसी निजी अस्पताल में कराने पर लगभग 50 से ₹60 हज़ार रुपये की खर्च आती है.
लेकिन सदर अस्पताल में इस प्रकार की सर्जरी फ्री में की जाती है. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर एस मंडल ने कहा कि सदर अस्पताल मरीजों के लिए हर संभव प्रयास करती है.
उन्होंने बताया कि हम सभी डॉक्टरों की यही कोशिश रहती है कि यहां पर आए सभी मरीजों की उचित प्रकार से उपचार की जाए और उन्हें स्वस्थ कर घर भेज दिया जाए.
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