
Ramgarh: राजधानी की विदिशा और अफसाना परवीन मर्डर मिस्ट्री की तरह रामगढ़ में शोभा की हत्या की गुत्थी भी अनसुलझी है. घटना के एक महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं.
गौरतलब है कि 22 मई को शोभा की जली हुई लाश उसके घर के आंगन से मिली थी. घटना उस वक्त हुई थी जब वो घर पर अकेली थी.
इस हत्याकांड के दोषियों की गिरफ्तारी के लिए जहां रामगढ़ में जगह-जगह धरना प्रदर्शन किया गया था. वहीं रामगढ़ में एकदिवसीय बंदी भी बुलायी गयी थी. इसके बावजूद भी हत्या की गुत्थी सुलझ नहीं पायी है.
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पुलिस-प्रशासन का रवैया सुस्त- स्थानीय
शोभा हत्याकांड रामगढ़ पुलिस के लिए अब गले की हड्डी बनती जा रही है. केस को लेकर 30 दिनों के बाद भी रामगढ़ पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल पायी है. वहीं पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं.
मामले का खुलासा नहीं होने से लोगों में रोष है. चंद दिनों पहले ही रामगढ़ कॉलेज के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने विरोध-प्रदर्शन करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी. सुभाष चौक में घटना और पुलिस के सुस्त रवैये के विरोध में लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया था.
वहीं दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर 18 जून को रामगढ़ बंद भी बुलाया गया. इस दौरान विरोध मार्च निकाला गया और शोभा के हत्यारों का जल्द पकड़ने की गुहार लगायी.
छात्र संघ के नेताओं ने पुलिस-प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की. लोगों का कहना है कि पुलिस के सुस्त रवैये के कारण अब तक हत्यारों को पकड़ा नहीं जा सका है.
22 मई को हुई थी हत्या
22 मई को शहर की साहू कॉलोनी में शोभा (20) की पूरी तरह से जली हुई लाश उसके घर के आंगन में मिली थी. जिस वक़्त यह हादसा हुआ था, उस समय शोभा अपने घर पर अकेली ही थी.
स्थानीय लोगों ने और परिजनों ने यह कयास लगाया था कि खाना बनाने के दौरान उसके कपड़े में आग लगी और वह जिंदा जल गई.घर बंद था तो किसी ने भी उसकी चीख पुकार नहीं सुनी और उसकी मौत हो गयी.
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बाद में शोभा के परिजनों ने इसे हादसा नहीं हत्या बताया था. वारदात को तब अंजाम दिया गया था जब शोभा की मां चुन्नी देवी हॉस्पिटल में थी और उसके पिता मनोज भी नहीं थे. शोभा की छोटी बहन भी कोचिंग सेंटर गई थी.
शोभा की लाश उसकी बहन ने ही सबसे पहले देखी, जब वह कोचिंग सेंटर से लौटी. इस जानकारी के बाद पूरे शहर में खलबली मच गई.
शोभा के पिता ने दर्ज कराया है हत्या का केस
26 मई को मृतका के पिता मनोज कुमार गुप्ता ने रामगढ़ थाने में आवेदन देकर साहू कॉलोनी के ही एक युवक पर हत्या का संदेह जताया था. पुलिस ने अस्वाभाविक मौत को हत्या में तब्दील करते हुए जांच भी शुरू कर दी है.
पुलिस को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और शोभा के मोबाइल में आए एक युवक के मैसेज की कॉपी सौंपी गई है. पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में यह भी पता चला कि मृतका की जीभ बाहर निकली हुई थी, जो यह संकेत है कि हत्या गला दबाकर की गयी और उसके बाद साक्ष्य छुपाने के लिए उसे जला दिया गया.
जानिये क्या है घटनाक्रम
22 मई: शोभा कुमारी का शव उसके घर में पूरी तरह से जली हुई अवस्था में मिला.
26 मई: मृतका के पिता मनोज कुमार गुप्ता ने रामगढ़ थाने में आवेदन देकर एक युवक पर हत्या का संदेह जताया था.
26 मई: पुलिस ने अस्वाभाविक मौत को हत्या में तब्दील करते हुए जांच शुरू की.
10 जून : हत्या के विरोध में रामगढ़ शहर में मौन जुलूस निकाला गया.
15 जून: सुभाष चौक पर धरना-प्रदर्शन.
18 जून : एक दिवसीय रामगढ़ बंद बुलाया गया.
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