
DILIP KUMAR
Palamu: करीब एक दशक से बंद पड़ी एशिया प्रसिद्ध रजहरा कोलियरी फिर से चालू होगी. सबकुछ ठीक रहा तो आगामी 23 फरवरी को पलामू के सांसद वीडी राम इसका उद्घाटन करेंगे. कोलियरी के चालू हो जाने के बाद रजहरा का पुराना दिन फिर से लौट जाने की उम्मीद की जा रही है. सांसद की इस घोषणा के बाद रजहरा सहित पूरे पलामू जिले में खुशी की लहर है.
चुनावी घोषणा है कोलियरी का खुलना: भाकपा
हालांकि कुछ लोग इसे चुनावी कार्यक्रम बता रहे हैं. भाकपा के केन्द्रीय कार्यकारिणी के सदस्य सूर्यपत सिंह और जिला सचिव रूचिर कुमार तिवारी ने आरोप लगाते हुए कहा है कि लोस चुनाव से एक महीना पहले सांसद को इस कोलियरी की अचानक याद कैसे आ गयी? कोलियरी लंबे समय से बंद है. पहले भी इस कोलियरी को चालू किया जा सकता था. लेकिन चुनाव पूर्व इसका उद्घाटन वोट बैंक बढ़ाने की राजनीति लगती है.
वापस लौटेगी इलाके की रौनक, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
कोलियरी के चालू हो जाने से रजहरा में एक दशक से छाई है वीरानी छट जायेगी और रौनक लौट जायेगी. कभी कोयला उत्पादन के लिए पूरे एशिया में मशहूर राजहरा कोलियरी में उत्पादन 2009 से बंद है. कोलियरी बंद होने के कारण राजहरा और उसके आस पास के करीब एक दर्जन गांव प्रभावित हुए हैं.
बाढ़ का पानी भरने से 2009 से बंद है कोलियरी
राजहरा कोलियरी से उत्पादन शुरू होने की घोषणा के बाद लोगों को सब कुछ अच्छा होने की उम्मीद जगी है. 23 फरवरी से राजहरा कोलियरी से उत्पादन शुरू होने की घोषणा की गई है. राजहरा कोलियरी में 2009 में बाढ़ का पानी भर गया था, उसी वक्त से उत्पादन ठप है.
सैकड़ों परिवार हुए थे प्रभावित, भुखमरी की स्थिति हो गयी है उत्पन्न
कोलियरी से उत्पादन शुरू होने की पहले भी पहल की गयी. लेकिन वह अमल में नहीं आया. कई बार पानी निकालने का असफल प्रयास भी किया गया है. राजहरा कोलियरी के बंद होने से 600-700 से अधिक परिवार प्रभावित हुए थे, जबकि सैकड़ों लोगों पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ा था. करीब 400 वैगन लोडर आज भी भुखमरी की जिंदगी जी रहे हैं.
सैकड़ों लोग पलायन कर गये हैं
राजहरा कोलियरी की चमक और तबाही देखने वाले लोगों का कहना है कि कोलियरी से उत्पादन शुरू होना सुखद है. लोगों ने बताया कि कोलियरी से उत्पादन शुरू की घोषणा सिर्फ घोषणा न रह जाए. लोगों ने बताया कि कोलियरी बंद होने के बाद करीब 600 से 700 अधिक लोग पलायन कर गये हैं.
राजहरा कोलियरी में है 80 लाख टन कोयले का भंडार
राजहरा कोलियरी में 80 लाख टन कोयला है, जिमसें से 49.30 लाख टन कोयला के उत्पादन की अनुमति मिली है. राजहरा कोलियरी सीसीएल का ओपन कास्ट माइंस है. कोलियरी नदी के किनारे मौजूद है, जिस कारण बरसात के दिनों में पानी भरने का डर रहता है. कोलियरी से 12 में से नौ महीने उत्पादन होगा. 49.30 लाख टन कोयला का उत्पादन अगले 15 वर्षों में किया जाना है.
सीएमडी से हो गयी है बात: सांसद
सांसद वीडी राम ने बताया कि रजहरा कोलियरी को चालू कराने की बात सीसीएल के सीएमडी से हो गयी है. कोलियरी का उद्घाटन करने केंद्रीय कोयला मंत्री पियुष सिन्हा को आना था, लेकिन कतिपय कारणों से वे नहीं आ पा रहे हैं. हालांकि उन्होंने कोलियरी के ऑनलाइन उद्घाटन करने की सहमति प्रदान की है. सांसद श्री राम ने बताया कि 15 वर्षों में इस कोलियरी से 49 लाख 30 हजार टन कोयला निकालने का लक्ष्य है. हालांकि इसकी क्षमता 80 लाख टन है. उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 3 से 5 लाख टन कोयला निकाला जायेगा. कोलियरी के चालू हो जाने से सीसीएल को डेड रॉयलिटी देने से मुक्ति मिलेगी. इसके अलावे 28 करोड़ का हो रहा घाटा नहीं होगा. रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. उन्होंने बताया कि माईंस में पड़ने वाली दो एकड़ भूमि के रैयत के परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा प्रावधान के अनुसार मुआवजा दिया जायेगा. एक वर्ष में तीन महीने बरसात के कारण कोलियरी में बंद रहेगी. प्रबंधकों का कहना है बरसात में कोलियरी क्षेत्र में पानी भर जाता है.
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