रांची : मजदूर दिवस के अवसर पर राजधानी के स्थानीय होटल में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने श्रमशक्ति पहचान अभियान की शुरूआत की। श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से शुरू किये गये अभियान मुख्य रूप से मजदूर वर्ग को सुविधाएं देने के मकसद से शुरू किया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखण्ड में श्रमिकों को अब उनका अधिकार तो मिलेगा ही सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ उन तक पहुंचाया सकेगा। उन्होंने कहा कि मैंनें भी मजदूरी की है इसिलिए मैं मजदूरों की दर्द को समझता हूँ, मैं भाग्यशाली हूं कि आज मजदूर दिवस के अवसर पर राज्य के मुखिया होने के नाते उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दे रहा हूं।
श्री दास ने कहा कि झारखण्ड राज्य प्रकृतिक संपदाओं से भरा पूरा है फिर भी लोग यहां से दूसरी जगह जाकर नौकरी कर रहे हैं। सरकार इसे रोकने की पूरी कोशिश कर रही है।
लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योग स्थापित होंगे तभी रोजगार का सृजन होगा। राज्य में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक महौल बनाना होगा और यह माहौल हम सब को मिलकर तैयार करना होगा।
उन्होंने कहा राज्य के तत्वरित विकास के लिए रेल संपर्क, सड़क संपर्क, विद्युत कनेक्टीविटी आदि कामों को दुरूस्त करना होगा तभी झारखण्ड विकास के पथ पर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा चार माह के कार्यकाल में सरकार ने अच्छे काम किये हैं इसके लिए विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और राज्य की जनता बधाई की पात्र है।
आयोजन के दौरान श्री दास ने उद्योगपतियों से अपील की कि वे मजदूर वर्ग और कर्मचारियों के हितों का ख्याल रखें।
इस अवसर पर श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री राज पालिवार ने कहा कि राज्य के श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की है। इन योजनाओं का सीधा लाभ राज्य के 50 लाख असंगठित मजदूर वर्ग के लोगों को मिलेगा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव राजीव गौबा, विकास आयुक्त राधेश्याम पोददार, श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव राहुल शर्मा, उद्योग सचिव हिमानी पांडे, कांके विधायक जीतूचरण राम, पैक्स के जानसन टोपनो सहित स्वेच्छिक संस्थानों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।




