
Seoni : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासियों के लिए सबसे जरूरी जल, जमीन और जंगल है. कहा कि 2013 में कांग्रेस पार्टी ने जमीन अधिग्रहण को लेकर एक बहुत ऐतिहासिक कानून लागू किया था. कार्यक्रम की शुरुआत में राहुल गांधी ने भगवान बिरसा मुंडा को याद किया. अपने संबोधन में कहा कि यूपीए सरकार ने दो कानून, पेसा कानून (पंचायतों के प्रावधान :अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार: अधिनियम, 1996) और आदिवासी कानून बनाये थे. तीनों कानूनों का एक ही लक्ष्य था चाहे किसान हो या आदिवासी उसकी जमीन की रक्षा होनी चाहिए और उसकी जमीन का फायदा उसी को मिलना चाहिए. राहुल सिवनी, मध़्य प्रदेश जिले के बरघाट में जनसभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण कानून में प्रवाधान था कि यदि किसी व्यक्ति की जमीन ली जायेगी तो उससे पूछा जायेगा.
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आदिवासियों और किसानों की जमीन छीनकर उद्योगपतियों को दे दी
सरकार यदि जमीन लेती है तो उसका चार गुना मूल्य उस व्यक्ति को देना ही पडेगा. कानून में यह भी प्रावधान था कि 5 साल तक ली गयी जमीन पर उद्योग नहीं शुरु होता है, तो उस गरीब किसान व आदिवासी को जमीन वापस लौटा दी जायेगी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनते ही नरेंद्र मोदी ने इन कानून पर आक्रमण किया और लोकसभा में इस कानून को बदलने की कोशिश की. कांग्रेस पार्टी के सांसदों ने इसका विरोध किया और कानून को बदलने नहीं दिया. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और उत्तर प्रदेश में इस कानून का पालन न कराकर आदिवासियों और किसानों की जमीन छीनकर उद्योगपतियों को दे दी गयी. मध्यप्रदेश में हमारी सरकार बनते ही आदिवासियों, किसानों को उनकी जमीनें वापस दिलाई जायेंगी. साथ ही उनकी जमीन की हम रक्षा करेंगे. गांधी ने कहा कि चुनाव के वक्त नरेंद्र मोदी ने कहा था कि मुझे प्रधानमंत्री नहीं चौकीदार बनाओ. लेकिन पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी अनिल अंबानी के चौकीदार बन गये.
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नीरव मोदी 35 हजार करोड़ लेकर भाग गया, चौकीदार चुप रहा
नीरव मोदी 35 हजार करोड़, विजय माल्या 10 हजार करोड़ और ललित मोदी, मेहुल चौकसी हजारों करोड़ रुपए लेकर भाग गये, लेकिन चौकीदार चुप रहा. राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर अमीरों, उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाये. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 15-20 अमीरों (उद्योगपतियों) की जेब में गरीबों का पैसा डाला जा रहा है. मध्यप्रदेश में शिक्षा को बर्बाद कर दिया गया है. उद्योगपतियों, अमीरों के हाथ में शिक्षा सौंप दी गई है. आज किसान और गरीब अपने बच्चों को उच्च शिक्षा नहीं दिलवा पा रहे हैं. इसी तरह स्वास्थ्य सेवाओं के भी हाल बेहाल हैं. एमआईआर, एक्सरे के लिए हजारों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके राज में दो हिंदुस्तान हो गए हैं. एक गरीबों के लिए और एक अमीरों के लिए हिंदुस्तान बन गया है. नोटबंदी के समय गरीब अपनी मेहनत और बचत की कमाई को बदलने के लिए बैंक की लाइन में खड़े रहा. वहीं नरेंद्र मोदी ने अमीरों के लिए बैंक के पीछे का द्वार खुलवा दिया.




