
New Delhi : कृषि विधेयक पर पंजाब हरियाणा सहित देश के कई राज्यों में किसान संगठन आंदोलनरत है. कुछ राज्यों से शुरू हुआ विरोध अब आगे बढ़ रहा है. कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियां इसे एक मौके की तरह देख रही है. अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को इस मामले पर किसानों से वीडियो संवाद किया. इस संवाद के जरिए उन्होंने यह जाना कि कृषि विधेयकों को लेकर किसानों के मन में क्या चल रहा है. संवाद में बिहार, महाराष्ट्र, सहित अन्य राज्यों के किसान शामिल हुए. संवाद में शामिल हुए किसानों ने कृषि विधेयक का विरोध किया है.
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विधेयक के खिलाफ प्रस्ताव ला सकती है कांग्रेस
माना जा रहा है कि कांग्रेस शासित राज्यों में सरकार इस विधेयक कि खिलाफ प्रस्ताव ला सकती है. इसके लिए किसानों से संवाद का आयोजन किया गया है ताकि उनके मन की बातों को समझा जा सके. अपने संवाद में राहुल गांधी ने कहा कि तीन कृषि विधेयक और नोटबंदी-जीएसटी में कोई फर्क नहीं है. उन्होंने पहले पैर में कुल्हाड़ी मारी और अब दिल में चोट की. राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला किया, उन्होंने कहा कि इन्हें ये बात समझ नहीं आएगी ये लोग तो अंग्रेजों के साथ खड़े थे.
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2006 के कानून को बेहतर बताया
एक किसान ने राहुल गांधी से कहा कि अगर आज महात्मा गांधी जिंदा होते तो मोदी सरकार के द्वारा लाए गए इस कानून का विरोध करते. किसानों ने इस कानून के कारण होनेवाली समस्याओं को गिनाया. एक किसान ने कहा कि पहले देश के किसान ईस्ट इंडिया कंपनी से परेशान थे और अब ये कार्पोरेट कंपनियों से होंगे. बिहार के एक किसान ने 2006 के कानून को बेहतर बताया. उन्होंने कहा कि यह कानून फिर लागू होना चाहिए.
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