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राफेल डील : शरद पवार ने मोदी को क्लीन चिट दी, तो तारिक अनवर ने एनसीपी छोड़ दी

NewDelhi : शरद पवार द्वारा एक तरह से राफेल डील पर पीएम मोदी को क्लीन चिट दिये जाने से नाराज  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के महासचिव और बिहार की कटिहार लोकसभा सीट से सांसद तारिक अनवर ने पार्टी का दामन छोड़ दिया है. साथ ही तारिक ने लोकसभा से भी इस्तीफा दे दिया है. तारिक अनवर की शरद पवार से काफी नजदीकी थी. वे एनसीपी के संस्थापकों में एक थे. राफेल विवाद पर शरद पवार की टिप्पणी से आहत तारिक ने यह कदम उठाया है. बता दें कि एक मराठी टीवी चैनल को दिये इंटरव्यू में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि राफेल विमान खरीद में पीएम नरेंद्र मोदी की मंशा पर लोगों को कोई शक है. साथ ही कहा था कि डील की कीमत बताने में  भी कोई हर्ज नहीं है.

इसके बाद तारिक अनवर का बयान आया कि वे राफेल डील पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बयान से असहमत हैं. इस क्रम में अनवर ने  कहा कि शरद पवार द्वारा मोदी सरकार को क्लीन चिट दिया जाना गलत है.  तारिक अनवर ने कहा कि पवार के बयान के बाद पार्टी में बने रहना  उनके लिए असंभव हो गया था. तारिक अनवर का मानना है कि पीएम मोदी राफेल डील पर कुछ छुपा रहे हैं.

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 अनवर ने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी

तारिक अनवर द्वारा पार्टी छोड़े जाने पर एनसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा है कि तारिक को पार्टी छोड़ने से पहले कम से कम एक बार पार्टी फोरम पर अपनी बात रखनी चाहिए थी. पटेल ने कहा कि वे एनसीपी के बड़े नेता थे. साथ ही पटेल ने कहा कि राफेल डील पर उनकी पार्टी जेपीसी बनाने की मांग पर अडिग है. बता दें कि तारिक अनवर ने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी. वे नेशनल यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. 1980 में पहली बार कटिहार से सांसद चुने गये थे. यहां से उन्होंने कई बार राज़्य का प्रतिनिधित्व किया. वे राज्य सभा में भी रहे. सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर तारिक अनवर ने कांग्रेस का साथ छोड़ा था. इसके बाद शरद पवार के साथ मिलकर एनसीपी का गठन किया था. यूपीए-2 की मनमोहन सिंह सरकार में वो कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री बनाये गये थे.

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