
Ranchi: पिछले दिनों राज्य में बीस सूत्री कमिटी का गठन किया गया था.इसमें राजद की उपेक्षा से आहत पूर्व विधायक राधाकृष्ण किशोर ने राजद से इस्तीफा दे दिया है. इसके साथ ही मंगलवार को पलामू जिले से करीब दो दर्जन कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. राधाकृष्ण किशोर के मुताबिक सत्तारूढ़ महागठबंधन में राजद की भी अहम भूमिका होने के बावजूद इस पार्टी की उपेक्षा हुई है. पलामू लोकसभा सीट पर राजद की दमदार उपस्थिति दिखती रही है. 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में हुसैनाबाद, छतरपुर और अन्य सीटों पर भी राजद ने जोरदार ताकत दिखाई थी. बावजूद इसके राजद की उपेक्षा की गई. दूसरे स्थान पर रहने के बावजूद भी पलामू प्रमंडल के विभिन्न जिलों में प्रखण्डस्तरीय बीस सूत्री कमिटी में राजद को मान-सम्मान नहीं दिया गया. इस मामले को लेकर पार्टी नेतृत्व भी पूरी तरह से मौन रही. ऐसे में वे पार्टी की क्रियाशील सदस्यता (सदस्यता फर्म क्रमांक 57331) से इस्तीफा दे चुके हैं.
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पलामू जिला अध्यक्ष चुनाव पर सवाल
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष संजय यादव को भेजे अपने इस्तीफे में राधाकृष्ण किशोर ने पलामू जिले में पार्टी अध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया है.उन्होंने कहा कि इसमें सरासर अनुशासनहीनता दिखी है. वे दूसरे दलों में भी रहे हैं पर ऐसी अराजक स्थिति नहीं देखी. अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में प्रदेश निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा चुनाव में भाग लेने से वंचित किए जाने के बावजूद भी नौडीहा बाजार प्रखण्ड के अवैध रूप से चयनित प्रखण्ड अध्यक्ष तथा दो डेलिगेट्स को मतदान करने की अनुमति दी गई. एक तरफ बिहार में तेजस्वी यादव कहते हैं कि राजद ए टू जेड की पार्टी है पर झारखंड में यह 1-2 लोगों तक ही सिमट कर रह गयी है. राजद में यह आदर्श स्थिति नहीं है.




