
Ranchi: झारखंड राज्य तकनीकी विश्वविद्यालय से डिप्लोमा, डिग्री स्तरीय पाठ्यक्रम के संचालन को लेकर संस्थानों को अपनी संबद्धता लेनी होगी. फिलहाल तकनीकी विवि का संचालन स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एसबीटीई) परिसर में चल रहा है. एमिटी विवि, मां कलावती यूनिवर्सिटी, राय यूनिवर्सिटी, सरला बिरला यूनिवर्सिटी, ऊषा मार्टिन यूनिवर्सिटी, अन्य निजी विवि और संस्थानों को तकनीकी विवि से संबद्धता लेकर अपने पाठ्यक्रमों को संचालित करना होगा. राज्य स्तर पर तकनीकी विवि ही ऐसे कोर्स को मान्यता प्रदान करेगी. इसी क्रम में कोलकाता के एनआईपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट की तरफ से भी टेक्निकल यूनिवर्सिटी में होटल मैनेजमेंट के डिप्लोमा और डिग्री कोर्स को संचालित करने के लिए आवेदन दिया गया है. अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के अलावा राज्य सरकारों के तकनीकी विवि से भी किसी भी संस्थान को मान्यता और संबद्धता लेना अब अनिवार्य कर दिया गया है.
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एसबीटीई परिसर में चल रहा है टेक्निकल यूनिवर्सिटी का कार्यालय
उच्चतर और तकनीकी शिक्षा विभाग की तरफ से स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एसबीटीई) परिसर में टेक्निकल यूनिवर्सिटी चलाया जा रहा है. सरकार की ओर से बीआईटी मेसरा के पूर्व अधिकारी गोपाल पाठक को तीन साल के लिए टेक्निकल यूनिवर्सिटी का कुलपति बनाया गया है. अब इनका कार्यकाल डेढ़ साल बचा हुआ है. अब इनकी अनुशंसा निजी संस्थानों द्वारा चलाये जा रहे पाठ्यक्रमों को सरकार की मान्यता मिल पायेगी. इसमें राज्य सरकार के 45 वैसे संस्थान को भी संबद्धता दी जायेगी, जिसे स्टेट बोर्ड की तरफ से इंजीनियरिंग, पोलिटे्क्निक और गैर इंजीनियरिंग कोर्स की तरफ से मान्यता दी गयी है.
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80 करोड़ की लागत से बन रहा है नया तकनीकी विवि परिसर
राजधानी के नामकुम में तकनीकी विवि का नया परिसर बनाया जा रहा है. उत्तरप्रदेश के इपीआईएल कंपनी की तरफ से 80 करोड़ की लागत से विवि से संबंधित आधारभूत संरचना तैयार की जा रही है. इसमें प्रेक्षागृह, शोध केंद्र, कुलपति आवास, स्टॉफ क्वार्टर, प्रशासनिक भवन और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. नवंबर 2018 में तकनीकी विवि का नया भवन तैयार हो जायेगा. 24 माह में भवन के निर्माण संबंधी कार्यादेश उच्चतर और तकनीकी शिक्षा विभाग की तरफ से दिया गया है.




