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बिजली वितरण व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने की तैयारी, टाटा पावर को मिल सकती है महत्वपूर्ण जिम्मेवारी

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– 30 शहरों में वितरण व्यवस्था की कमान संभालेंगे फ्रेंचाइजी, 30 सब डिवीजन में व्यवस्था संभाल रहे हैं ग्रामीण फ्रेंचाइजी

– टाटा पावर ही बिलिंग व स्कॉडा सिस्टम सहित पूरे वितरण व्यवस्था की करेगा मॉनिटिरिंग, हो रहा मंथन

Ranchi: राज्य सरकार प्रदेश की बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है. इसके तहत टाटा, रांची सहित सूबे के 30 प्रमुख शहरों में फ्रेंचाइजी सिस्टम लागू होगा. इसके लिए कई राउंड की बैठकें भी हो चुकी हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कंपनी के 30 सब डिविजन में बिजली व्यवस्था की जिम्मेवारी ग्रामीण फ्रेंचाइजी ही संभाल रहे हैं. इसमें एनजीओ और छोटी कंपनियां भी शामिल हैं.

टाटा पावर को मिल सकती है महत्वपूर्ण जिम्मेवारी

प्रदेश की बिजली वितरण व्यवस्था संभालने में टाटा पावर को महत्वपूर्ण जिम्मेवारी मिल सकती है. टाटा पावर ही बिलिंग, स्कॉडा सिस्टम सहित पूरे वितरण व्यवस्था की मॉनिटिरिंग करेगा. इसके अलावा टाटा पावर ही डीटीआर मीटर, फीडर मीटर सहित अन्य उपकरणों की जांच करेगा. वहीं ग्रामीण विद्युतीकरण कॉरपोरेशन की डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी पीडीसीएल (पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड) ने टाटा पावर को तकनीकी परामर्शी बनाया है.

हेमंत सरकार में विवाद के कारण फ्रेंचाइजी हुई थी रद्द

हेमंत सरकार में फ्रेंचाइजी पर विवाद हुआ था, इसके कारण रांची और जमशेदपुर की फ्रेंचाइजी रद्द कर दी गई थी. रांची में बिजली वितरण का जिम्मा कोलकाता इलेक्ट्रिक सप्लाई को दिया गया था, जबकि जमशेदपुर में बिजली वितरण की जिम्मेवारी टाटा पावर को दी गई थी. इसमें लाइन लॉस 42 फीसदी दिखाया गया था, जबकि लाइन लॉस 32 फीसदी ही था. इस पर सवाल उठा था कि कम लाइन लॉस होने के बावजूद अधिक लाइन लॉस दिखाकर फ्रेंचाइजी को वितरण व्यवस्था की जिम्मेवारी क्यों सौंपी गई. इसके बाद दोनों जिलों की फ्रेंचाइजी रद्द कर दी गई थी.

इन 30 शहरों में फ्रेंचाइजी को सौंपने की है तैयारी

राज्य के 30 प्रमुख शहरों में बिजली वितरण की जिम्मेवारी फ्रेंचाइजी को सौंपी जा सकती है. इन शहरों में रांची, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, जमशेदपुर, आदित्यपुर, घाटशिला, मुसाबनी, चाईबासा, चक्रधरपुर, धनबाद, चिरकुंडा, दुमका, मिहिजाम, देवघर, गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, हजारीबाग, रामगढ़, पतरातू, सौंदा, झुमरी तिलैया, चतरा, मधुपुर, गिरिडीह, बोकारो, गोमिया, फुसरो, डालटनगंज और गढ़वा शामिल हैं.

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