न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#पीयूष_गोयल_AN_UNTOLD_STORY

365

Girish Malviya

इन्वेस्टमेंट बैंकर लॉ टॉपर और एक समय CA की एग्जाम में 2nd रैंक पर पहुंचने वाले रेल मंत्री पीयूष गोयल जब 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने को लेकर अपने तर्क दे रहे थे, तो इसी दौरान उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को लेकर बड़े आंकड़ों को देखने की आवश्यकता नहीं. अगर आइंस्टीन ने आंकड़ों और गणित की चिंता की होती तो वो कभी भी गुरुत्वाकर्षण के नियम की खोज नहीं कर पाते.‘

Aqua Spa Salon 5/02/2020

यह बात  सोशल मीडिया में टॉप ट्रेंड कर रही है. सभी लोग इस महान ज्ञान पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि पीयूष गोयल का अतीत भी विवादित रहा है.

पीयूष गोयल के पिता वेद प्रकाश गोयल भाजपा के कोषाध्यक्ष थे. कोषाध्यक्ष के रूप में इनकी कार्यपध्दति सवालों के घेरे में आ गयी थी, बाद में वह अटल सरकार में मंत्री बने और पीयूष गोयलजी की माताजी तीन बार विधायक बनी. पीयूष खुद चार्टड अकॉउंटेंट रहे और दो बार इन्हें SBI और बैंक ऑफ़ बरोदा का डायरेक्टर भी बनाया गया.

इसे भी पढ़ें –#EconomicSlowdown : खुदरा महंगाई बढ़ी, उद्योगों की रफ्तार में आयी गिरावट

पीयूष गोयल के पास 2013 तक शिरडी इंडस्ट्रीज की भी हिस्सेदारी थी. यह कंपनी इसके अगले ही साल 650 करोड़ रुपये के करीब के कर्जे को चुकाने से मुकर गयी. इनमें से अधिकांश कर्ज सरकारी बैंकों से लिया गया था. बाद में जैसे-तैसे सेटलमेंट किया गया.

इन्हीं पीयूष गोयल और उनकी पत्नी ने साल 2000 में मिलकर फ्लैशनेट की स्थापना की थी. 2010 में राज्यसभा का सदस्य बनने के बाद उन्होंने राज्यसभा सचिवालय में अपने आर्थिक हितों का ब्यौरा देते हुए यह स्वीकार किया था कि फ्लैशनेट में उनकी हिस्सेदारी की प्रकृति ‘मालिकाना हक वाली’ है.

Gupta Jewellers 20-02 to 25-02

लेकिन  कुछ सालों बाद प्रधानमंत्री कार्यालय में 2014 और 2015 में गोयल द्वारा की गयी संपत्तियों की घोषणा में फ्लैशनेट के स्वामित्व का कोई जिक्र नहीं मिला, बाद में पता चला कि गोयल ने पूरा स्वामित्व चुपचाप इसके बाजार मूल्य से करीब 1,000 गुना मूल्य पर अजय पीरामल के स्वामित्व वाली एक कंपनी को बेच दिया है.

इसे भी पढ़ें –जमशेदपुर: सरयू राय के खिलाफ मुखर हुए CM के करीबी रामबाबू, सोशल मीडिया पर हो रही बयानबाजी

अजय पीरामल ग्रुप ने जिसने उसी क्षेत्र में निवेश किया था, जिसका जिम्मा पीयूष गोयल स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री के तौर पर संभाल रहे थे. यह पूरी बात वायर ने अपनी एक स्टोरी में प्रकाशित की थी.

लेकिन द क्विंट ने इस बारे एक और स्टोरी की….उसमें पता चला कि वित्तीय साल 2011 और 2013 के बीच फ्लैशनेट ने दिल्ली में अंडर कस्ट्रक्शन फ्लैट के लिए 4 करोड़ रुपए का एडवांस पेमेंट किया था…पीरामल समूह ने भी इस बात की पुष्टि की है कि जुलाई 2014 में फ्लैशनेट की खरीद के वक्त कंपनी के पास दिल्ली के शांति निकेतन में 535 स्क्वैयर मीटर का फ्लैट और उससे लगी हुई 141 स्क्वैयर मीटर जमीन भी थी.

शांति निकेतन दिल्ली का बहुत पॉश इलाका माना जाता है. पीरामल के मुताबिक, 24 जुलाई 2014 को इस प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू 10.10 करोड़ रुपए थी.

इसे भी पढ़ें –#Dhulluतेरे कारण : बाघमारा विधायक के खिलाफ आजसू ने दिया धरना, कहा- ढुल्लू के इशारे पर सरकारी रास्ते को किया जा रहा था बंद

फ्लैशनेट को बेचने के एक साल बाद ही पीय़ूष गोयल ने पीरामल एस्टेट से वही फ्लैट दोबारा खरीद लिया. गोयल ने टाइम्स ऑफ इंडिया को इस बात की पुष्टि की और पीरामल ने भी ब्लूमबर्ग क्विंट को दिए जवाब में ये बात मानी. जुलाई 2012 में इसकी कीमत 10.10 करोड़ रुपए थी और 2015 में इसे 12.02 करोड़ में बेच दिया गया.

आजतक भी किसी के समझ में नही आया कि पीरामल ने आखिर फ्लैशनेट क्यों खरीदी थी, क्योंकि कंपनी के पास वह फ्लैट ही सबसे बड़ी संपत्ति थी जो कुछ ही महीनों बाद पीरामल ने पीयूष गोयल को वापस बेच दी?

पीयूष गोयल अब गाहे बगाहे चिदंबरम पर शाब्दिक हमले करते देखे जाते हैं, कहते हैं कि मैं लॉ टॉपर हूं, पूरे देश में 2nd रैंक का CA रहा हूं, प्रोफेशनल चार्टड अकाउंटेट भी रहा हूं, इन्वेस्टमेंट बैंकर भी हूं, इसलिए सलाह देने में सक्षम हूं. लेकिन पी. चिदंबरम जी, आपके बेटे कीर्ति के मामले में कौन सलाहकार है. पर यह नहीं बताते कि जब भी फ्लैशनेट का सवाल आता है कन्नी क्यों काटे जाते हैं.

इसे भी पढ़ें –जब #PMModi के कार्यक्रम में रघुवर थे FacebookLive, तो क्यों सीएम को कोस रही थी जनता?

(लेखक आर्थिक मामलों के जानकार हैं. ये इनके निजी विचार हैं)

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like