
Dhanbad: धनबाद में सैंकड़ों एकड़ सीएनटी और गैरमजरुआ जमीन की फर्जी कागजात के आधार पर खरीद-फरोख्त हुई है. यही वजह है कि जिला अवर निबंधक संतोष कुमार ने लोगों से एक अपील की है. इसमें कहा गया है कि जमीन से संबंधित किसी भी तरह के पीड़ित व्यक्ति निबंधन कार्यालय से जांच करवा सकते हैं. ऐसे व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाएगा. न्यूज विंग से बातचीत में उन्होंने बताया कि कोलाकुसमा के 250 नंबर खाता की जमीन फर्जी कागजात बनाकर रजिस्ट्री करवायी गयी. यह गैर आबाद जमीन है. इसे रैयती बताकर कुल आठ डीड बनवाये गये. इस मामले को लेकर करीब तीन दर्जन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होगी.
एक बड़ा रैकेट चल रहा है
शहर में स्थित गैर आबाद खाता से लेकर सीएनटी की जमीन तक को फर्जी कागजात के आधार पर बेचने का कारोबार लंबे समय से चल रहा है. रजिस्ट्री विभाग के कुछ बाबुओं, डीड राइटरों और विभिन्न इलाकों के दलालों के मार्फत यह कारोबार चल रहा है. कुछ साल पहले गोविंदपुर रजिस्ट्रार के माध्यम से भी ये कारोबार धड़ल्ले से चला. धनबाद में भी इस तरह के फर्जीवाड़ा के मामले सामने आये हैं. इन मामलों से जुड़े दस क्रेता-विक्रेता, डीड राइटर, अधिवक्ता के खिलाफ जिला अवर निरीक्षक प्राथमिकी दर्ज करवा चुके हैं.
इन इलाकों में हो रहा है फर्जीवाड़ा
- कार्मिक नगर के आसपास सरकारी और गैर आबाद खाता की करीब 50 एकड़ जमीन की खरीद-फरोख्त फर्जी कागजात के आधार पर हुई है. यहां दस से अधिक अपार्टमेंट बन गये.
- बिग बाजार के आगे गैर आबाद खाता की जमीन पर 200 से अधिक फ्लैट बने हैं. जमीन विवादित होने के कारण फ्लैट की बिक्री रुकी हुई है.
- न्यू कालोनी में करीब 10 साल पहले बीसीसीएल की जमीन पर 50 से अधिक फ्लैट धनबाद के एक दबंग परिवार ने बनवा दिए. फ्लैट बनाने में जिनका पैसा लगा वो सड़क पर आ गये हैं. बीसीसीएल ने जमीन पर कब्जा जमा लिया है.
बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
सरकारी, गैर आबाद और सीएनटी की जमीन पर कब्जा कर रियल इस्टेट प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी में लगे बिल्डरों को लगातार झटका लग रहा है. कई प्रोजेक्ट का काम स्थानीय लोगों ने रुकवा दिया है. नक्शा का विचलन करनेवाले 40 बिल्डरों ने नगर निगम की नोटिस का जवाब नहीं दिया है. नक्शा विचलन का ज्यादातर मामला सरकारी और गैर मजरूआ जमीन से जुड़ा है. निगम ने अब ऐसे बिल्डरों पर केस करने का निर्णय लिया है. जिला अवर निबंधक संतोष कुमार से बैंक मोड़ से लेकर पांडरपाला तक की आदिवासी खाता और सरकारी जमीन पर बस गये सैंकड़ों लोगों की बाबत पूछा गया. लेकिन उन्होंने इन बातों से अनभिज्ञता जाहिर की.
इसे भी पढ़ेंः बैंक मोड़ से लेकर पांडरपाला तक आदिवासियों की सैकड़ों एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा




