
NW Desk: कोरोना वायरस का संक्रमण देश में तेज हो गया है. पिछले 24 घंटे में 328 नये मामले सामने आये है. देश में कोरोना पीड़ितों की संख्या 1965 हो चुकी है, वहीं 50 लोगों की जान जा चुकी है. जबकि 151 लोग स्वस्थ भी हुए हैं.
कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलता है. और इसे रोकने के लिए डॉक्टर-नर्सिंग स्टाफ अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं. वहीं पुलिस-प्रशासन लॉकडाउन को सफल बनाने और कोरोना मरीजों के हॉस्पीटल पहुंचाने जैसे कामों में जुटी है.
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लेकिन संकट की इस घड़ी में कोरोना वायरस से सीधी लड़ाई लड़ रहे इन कर्मवीरों का सम्मान होने की बजाये उनपर हमला हो रहा है. देश के कुछ राज्यों में ऐसे वाकये सामने आये हैं.
इंदौर में मेडिकल टीम पर पथराव, दो महिला डॉक्टर घायल
कोरोना वायरस से संक्रमित एक मरीज के संपर्क में आये लोगों को ढूंढने गये स्वास्थ्य कर्मियों पर इंदौर में बुधवार को कुछ लोगों ने अचानक पथराव कर दिया. पथराव के कारण दो महिला डॉक्टरों के पैरों में चोटें आयी हैं.
यह घटना शहर के टाटपट्टी बाखल इलाके में हुई. वहां कोरोना वायरस के खिलाफ अभियान चला रहे स्वास्थ्य विभाग के पांच सदस्यीय दल में शामिल एक महिला डॉक्टर ने अपनी पहचान का खुलासा करने से इनकार करते हुए बताया कि, “मैं बहुत डरी हुई हूं. हम कोरोना वायरस संक्रमण के एक मरीज के संपर्क में आये लोगों को ढूंढने गये थे.”
महिला डॉक्टर ने बताया, “हमने जैसे ही इन लोगों से उनकी सेहत की स्थिति से जुड़े सवाल करने शुरू किये, तो उन्होंने इसका विरोध किया. तभी वहां कुछ और लोग आ धमके जिन्होंने हम पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिये. शुक्र है कि कुछ पुलिस कर्मी पास ही थे, इसलिये हमारी जान बच गयी.”
इस बीच, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा, “हमारा दल लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाने के लिये काम कर रहा था. लेकिन रहवासियों ने नासमझी में इस दल पर ही पथराव कर दिया.” उन्होंने कहा, “पथराव में हमारी दो महिला डॉक्टरों के पैरों में चोटें आयी हैं. पथराव के दौरान दोनों महिला डॉक्टरों ने तहसीलदार की गाड़ी में किसी तरह छिप कर खुद को बचाया.”
डॉ. जड़िया ने बताया कि घटना की शिकायत छत्रीपुरा पुलिस थाने में दर्ज करा दी गयी है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “घटना के दौरान बैरिकेड तोड़े गये हैं और पथराव भी किया गया है. इन दोनों घटनाओं पर पुलिस संज्ञान ले रही है.” इन वाकयों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुए थे.
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इन मामलों की जांच में जुटे अधिकारियों का कहना है कि ये घटनाएं कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर आम लोगों में जागरूकता की कमी और सोशल मीडिया पर फैल रही अलग-अलग अफवाहों के कारण सामने आ रही हैं.
मधुबनी में तबलीगी जमात के समर्थकों के हमले में चार पुलिसकर्मी घायल
बिहार के मधुबनी जिला के अंधराथाडी थाना अंतर्गत गिदडगंज गांव में तबलीगी जमात के समर्थकों द्वारा किए गए कथित पथराव में चार पुलिसकर्मी जख्मी हो गए. बताया जा रहा है कि ग्रामीण लॉकडाउन का उल्लंघन कर ‘‘दीनी मज्लिस’’ का आयोजन कर रहे थे और पुलिस की टीम उन्हें मना करने गयी थी.
पुलिस अधीक्षक सत्य प्रकाश ने बुधवार को बताया कि तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उक्त मज्लिस में शामिल हुए लोग क्या दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज के कार्यक्रम में शामिल होकर लौटे थे .
उन्होंने बताया कि देर रात पुलिसकर्मियों पर पथराव करने वालों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी है.
इस बीच, बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने अपने ट्विटर हैंडल पर दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज के कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों से अपील की है कि वे हेल्पलाईन नंबर पर फोन करें या नजदीकी सरकारी अस्पतालों में जाकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण करा लें.
बिहार में अब तक 81 लोगों की पहचान की गयी है जिन्होंने दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में मरकज कार्यक्रम में शामिल हुए थे. उनमें से पटना और बक्सर जिलों में कुल 30 लोगों की पहचान कर उनकी जांच की जा रही है.
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मुजफ्फरनगर में पुलिस पर हमला
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है. इस लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है. लोग स्वस्थ रहें, और अपने घरों में रहें इसलिए वर्दी में लोग दिन-रात सड़कों पर मुस्तैद हैं.
लेकिन यूपी के मुजफ्फरनगर में कुछ लोगों को उनकी भलाई के लिए घरों में रहने की नसीहत इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने पुलिसवालों पर ही हमला कर दिया. इस हमले में एक सब इंस्पेक्टर और एक कॉन्स्टेबल घायल हो गए हैं.
मुंगेर में मेडिकल टीम पर हमला
बुधवार को बिहार के मुंगेर में कोरोना संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए पहुंची मेडिकल टीम पर हमले की खबर है. दरअसल यहां एक बच्ची की मौत के बाद मेडिकल टीम उसके परिवार को होम क्वारंटाइन करने और जांच के लिए पहुंची थी. जिसके बाद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और मेडिकल टीम पर हमला किया गया. हमला होने के बाद जब पुलिस बुलाई गई थी तो उसकी गाड़ी पर भी स्थानीय लोगों ने पथराव किया. बता दें कि बिहार में कोरोना वायरस की जांच को लेकर पत्थरबाजी के कई मामले हो चुके हैं.
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