
Dhanbad: झरिया पुनर्वास नीति के तहत भू -धंसान, अग्नि प्रभावित क्षेत्र से लोगों को विस्थापन कर बेलगड़िया टाउनशिप में बसाए गए लोग आज अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. विस्थापन नीति के तहत पुनर्वास किए हुए लोगों को 2 साल में 1 लाख 80 हजार मिनिमम वेजेस मिलनी थी साथ ही 10 हजार शिफ्टिंग अलाउंस मिलना था, लेकिन पुनर्वास के 5 वर्ष बीत जाने के बाद भी ना तो इनको मिनिमम वेजेस मिला ना ही शिफ्ट एलाउंस मिले. जिससे आक्रोशित होकर दर्जनों लोग मंगलवार को जरेडा ऑफिस पहुंचे और प्रशासन के वादाखिलाफी के खिलाफ कार्यालय का घेराव किया.
पुनर्वास नीति के तहत बेलगडीया में पुनर्वास किए गए लोगों ने कहा कि 5 वर्ष पहले डीसी, एसडीएम, बीसीसीएल अधिकारी के आश्वासन के बाद हम लोग बेलगड़िया में शिफ्ट हुए. आश्वासन दिया गया था कि ₹10,000 शिफ्टिंग अलाउंस तुरंत मिलेगा साथ ही 2-2 वर्ष तक प्रतिमाह के हिसाब से मिनिमम वेजेस ₹1,80,000 दिया जाएगा लेकिन 5 वर्ष बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं मिला.
एक और केंद्रीय मुख्य सचिव, कोयला सचिव, जिला प्रशासन, बीसीसीएल, जरेडा पुनर्वास नीति के तहत झरिया कोलफील्ड में बसे लोगों को विस्थापन नीति के तहत पुनर्वास के लिए जागरूक कर रही है. सारे सुविधा मुहैया कराने की बात कर रही है. लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ और है.




