
Ranchi : रेलवे ने शुक्रवार को देशभर में चल रही स्पेशल ट्रेनों को अब नार्मल ट्रेनों की तरह चलाने का निर्णय लिया है. जिसके तहत ट्रेनें कोविड के पहले की तरह ही अपने पुराने नंबर के साथ चलेगी. जिससे कि स्पेशल ट्रेन पर लगने वाले 30 परसेंट किराए से लोगों को राहत मिल गई है. लेकिन सेकेंड क्लास (जनरल क्लास) में सफर करने वालों को रिजर्वेशन का किराया ही देना होगा.
जिससे मिडिल क्लास के पैसेंजर्स की जेब पर एक्सट्रा बोझ कम नहीं होगा. अब रेलवे के इस नोटिफिकेशन को लेकर झारखंड पैसेंजर्स एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है. साथ ही कहा कि रेलवे का यह फैसला पांच राज्यों के आगामी चुनावों के मद्देनजर लिया गया है. फिलहाल तो सिर्फ यह ट्रेन में सफर करने वालों के लिए आई वॉश है. अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार सरावगी और सचिव प्रेम कटारूका ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मांग की है कि सेकेंड क्लास (जनरल क्लास) के पैसेंजर्स को कोरोना से पूर्व की तर्ज पर जनरल टिकट पर आरक्षण मुक्त यात्रा करने की सुविधा प्रदान की जाए. जिससे गरीब, मध्यमवर्गीय और पिछड़े वर्ग पर आर्थिक बोझ न बढ़ें.
सेकेंड क्लास (जनरल क्लास) के पैसेंजर्स अधिक
रांची रेल डिवजन के अंतर्गत 55 स्टेशन है. जिसमें केवल 10 स्टेशनों पर ही रिजर्वेशन टिकट देने की व्यवस्था है. ऐसे में जब सेकेंड क्लास (जनरल क्लास) के लिए रिजर्वेशन टिकट अनिवार्य किया गया है तो यह पैसेंजर्स के लिए परेशानी बनेगा. चूंकि सेकेंड क्लास में सफर करने वालों की संख्या काफी अधिक है. बताते चलें कि कोविड के बाद से जनरल कोच में सफर करने के लिए भी रेलवे ने रिजर्वेशन कराना अनिवार्य कर दिया है. जिससे कि कोच में ज्यादा लोग सफर न कर सके.
एसोसिएशन ने यह मुद्दा भी उठाया
• नोटिफिकेशन में कहीं नहीं लिखा है कि ये कब से लागू होगा
• सेकेंड क्लास के यात्रियों से रिजर्वेशन का भाड़ा लिया जाएगा, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा
• जो यात्री स्पेशल भाड़ा देकर अगले चार महीने तक का आरक्षण करा चुके हैं उन्हें कोई राहत नहीं मिलेगी
• तब तक पांच राज्यों के चुनाव खत्म हो जाएंगे, हो सकता है बढ़ा हुआ भाड़ा लागू रहेगा
• सिर्फ ट्रेनों के नंबर से 0 हट जाएगा, नार्मल ट्रेनों के नंबर से परिचालन होगा ट्रेनों का
• जिन्होंने एडवांस में टिकट बुकिंग कराई है उनका बढ़ा हुआ किराया वापस हो




