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हड़ताल पर जायेंगे राज्य भर के पारा शिक्षक

Ranchi: पारा शिक्षक जीवन कुमार गुप्ता ने बताया कि सरकार के रवैये से सभी पारा शिक्षक नाराज हैं. पूरे राज्य भर के पारा शिक्षकों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया था कि स्थापना दिवस के दिन सभी पारा शिक्षकों को स्थायी कर दिया जायेगा. लेकिन उनके भाषण में ऐसा कुछ नहीं दिखा. इसके बाद पारा शिक्षक काला झंडा दिखा कर अपना विरोध जता रहे थे. वहीं पारा शिक्षकों ने बताया कि हम लोग विरोध करने नहीं बल्कि स्थापना दिवस कार्यक्रम देखने आये थे, लेकिन प्रशासन ने हमलोगों को अंदर जाने ही नहीं दिया.

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रघुवर सरकार चोर है, रघुवर सरकार आंतकवादी है : पारा शिक्षक

अपनी मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन कर रहे पारा शिक्षक लगातार सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे. रघुवर सरकार चोर है, रघुवर सरकार आतंकवादी, क्रिमनल है जैसे नारे लगाये जा रहे थे. महिला पारा शिक्षक ने कहा कि सरकार हमलोग के लिए कुछ नहीं कर रही है. हमलोग शिक्षा का अलख जगा रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से हमें कोई सुविधा नहीं दी जाती. सरकार हम शिक्षकों सिर्फ 8000 रुपए देकर हमलोगों का खून चूस रही है. सरकार हमलोगों को उग्र होने के लिए बाध्य कर रही है. हमें समान कार्य के बदले समान वेतन चाहिए. हमलोगों का स्थायीकरण किया जाये.

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स्थायी करने का मिला था आश्वासन

पारा शिक्षक मोहन मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हमें आश्वासन दिया था कि इस बार आपलोगों का कल्याण किया जायेगा. लेकिन आला अधिकारी पारा शिक्षकों को कुछ देना नहीं चाहते, मात्र दो से तीन सौ रुपए की बढ़ोतरी की गई है. ऐसे में हम लोगों का घर परिवार कैसे चलेगा. हमलोगों को भी छत्तीसगढ़ के तर्ज पर वेतन दिया जाये. कल्याण कोष में भी सरकार हम ही शिक्षकों से दो-दो सौ रुपए जमा करने की बात कह रही है. पत्थर फेंकने के विषय पर शिक्षकों ने कहा कि हमलोगों को अपनी गरिमा मालूम है. किसी शरारती तत्व ने पत्थर फेंका होगा, शिक्षकों ने पत्थर नहीं फेंका.


No लाठीचार्ज No लाठीचार्ज, चिल्लाती रहीं एसडीओ, जवानों ने नहीं सुनी बात

कार्यक्रम के दौरान उग्र हुए पारा शिक्षकों पर लाठी चार्ज करने का आदेश नहीं दिया गया था. लेकिन जवानों ने अपने गुस्से पर संयम नहीं रखा और बगैर आदेश के ही लोगों पर लाठीचार्ज करना शुरू कर दिया. इस दौरान एसडीओ गरिमा सिंह चिल्लाती रहीं कि लाठीचार्ज न हो लेकिन जवानों तक यह बात भी नहीं पहुंची. उन्होंने सभी को दौड़ा-दौडा कर पीटना शुरू कर दिया. इससे कार्यक्रम स्थल पर ही भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई.

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