
Ranchi/Simdega : झारखंड में गांव की सरकार बनाने की कवायद शुरू है. राज्य निर्वाचन आयोग एक्टिव मोड में आ चुका है. इधर शहर से लेकर गांव तक इसे लेकर रोमांच है. सिमडेगा में भी इसे लेकर ग्रामीणों का उत्साह चरम पर है. पर अति उग्रवाद प्रभावित इस जिले में शांतिपूर्ण चुनाव स्थानीय प्रशासन के लिए एक चैलेंज भी है. जिले में पंचायत चुनाव संपन्न कराने को 1110 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं. इनमें से लगभग 77 प्रतिशत मतदान केन्द्र संवेदनशील और अति संवेदनशील श्रेणी में हैं. कुल केंद्रों में से कुल 502 मतदान केन्द्र संवेदनशील और 347 मतदान केन्द्र अति संवेदनशील श्रेणी में हैं.
प्रशासन मतदान के दौरान इन केंद्रों पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था रखने में जुट गया है. ऐसे में ग्रामीण उम्मीद कर रहे हैं कि पूर्व के चुनावों की अपेक्षा इस बार चुनाव और अधिक सुरक्षित तथा शांतिपूर्ण तरीके से होंगे.
अतिउग्रवाद प्रभावित नहीं, पर चिंता कायम
चारों ओर जंगलों, पहाड़ों से घिरे विशिष्ट भौगोलिक स्थितिवाला सिमडेगा जिला कभी अति उग्रवाद प्रभावित जिलों में शुमार रहा है. हालांकि समय के साथ बढ़ती पुलिसिया दबिश के चलते इस जिले से अति उग्रवाद प्रभावित जिले का कलंक मिट गया है. एसपी सौरभ के मुताबिक सिमडेगा को अति उग्रवाद प्रभावित जिलों की लिस्ट से हटा दिया गया है. निश्चित तौर पर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहेगा कि पंचायत चुनाव में कोई विघ्न न आये.
जरूरत पड़ने पर अतिरिक्ति बलों की तैनाती होगी. इसके लिए मुख्यालय से मांग की गयी है. चुनाव के पूर्व भी संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों के क्षेत्र को पुलिस ऑपरेशन चला कर सुरक्षित करेगी.
इसे भी पढ़ें:लोहरदगा हिंसा : हिरही सहित 9 गांवों में स्टेटिक फोर्स तैनाती, SIT का गठन
चार चरणों में होंगे चुनाव
भले ही सिमडेगा को उग्रवाद मुक्त घोषित किया जा चुका हो पर सुरक्षा के लिहाज से अब भी पूरी तरह से आदर्श स्थिति नहीं है. जंगलों में नक्सलियों के मूवमेंट की खबरें सामने आती रही हैं. ऐसे में प्रशासन के लिए चुनाव में उपयुक्त इंतजाम चैलेंज तो है. जिले में 1110 मतदान केन्द्रों पर चार चरणों में चुनाव होने हैं. पहले चरण के चुनाव में चार प्रखंडों में चुनाव के लिए 310 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं. इनमें से 132 संवेदनशील मतदान केन्द्र और 60 अति संवेदनशील मतदान केन्द्र के तौर पर चिन्हित हैं. दूसरे चरण में दो प्रखंडों में चुनाव होंगे. इसके लिए बनाये गये 317 मतदान केन्द्रों में 158 संवेदनशील और 54 अति संवेदनशील हैं.
तीसरे चरण में दो प्रखंडों में चुनाव के लिए बनाये गये 270 मतदान केन्द्रों में से 120 संवेदनशील और 130 अति संवेदनशील हैं. चौथे चरण के चुनाव के लिए दो प्रखंडों में बनाये गये 213 मतदान केन्द्रों में 92 संवेदनशील और 103 अति संवेदनशील हैं.




