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पलामू: सरकारी डॉक्टर संजय कुमार के निजी अस्पताल में मरीज की मौत, परिजनों ने दर्ज कराई प्राथमिकी

Palamu : पलामू जिले में डॉक्टर की लापरवाही से मरीजों की मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. मौत के बाद हंगामा और एफआईआर दर्ज कराई जाती है, बावजूद इसमें कमी नहीं आती. बुधवार रात सरकारी डॉक्टर डॉ संजय कुमार के आबादगंज स्थित निजी अस्पताल (आर्यन क्लिनीक) में मरीज की मौत हो गई. मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया और गुरूवार को शहर थाना में डॉक्टर पर इलाज और ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाकर मामला दर्ज कराया.

पुलिस सरकारी चिकित्सक के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर ली है. शहर थाना प्रभारी अभय कुमार सिन्हा ने एफआईआर की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में छानबीन की जा रही है. उन्होंने बताया कि मामला काफी गंभीर है, इसलिए इसकी जांच को सूक्ष्म तरीके से पड़ताल की जा रही है. इसके लिए डॉ संजय कुमार से सम्पर्क किए जाने की कोशिश है.

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जानकारी के अनुसार जिले के सतबरवा प्रखंड के पोलपोल-नावाडीह निवासी रामनाथ साव को गत 12 जुलाई को इलाज के लिए उसके पुत्र अजय कुमार साव ने डॉ संजय के आबादगंज स्थित निजी अस्पताल में भर्ती किया था.

इलाज के दौरान डा. संजय ने बताया कि रामनाथ के ‘पेशाब के रास्ते में पथरी’ है. उसे ऑपरेशन करके निकालना पड़ेगा. इस ऑपरेशन के पूर्व डॉ संजय कुमार ने उससे पैंतीस हजार रुपये (35000) मांगे थे, जिसमें पहली किश्त के रुप में बीस हजार रुपये (20000) अग्रिम दिया गया था.

एफआईआर के लिए दिए गए आवेदन में अजय ने कहा है कि इलाज और ऑपरेशन में लापरवाही के कारण उसके पिता की मौत हो गई. निजी अस्पताल में मौत होने के बाद मृत मरीज के शव को आनन-फानन में इलाज का भरोसा देकर मेदिनीराय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल ले जाया गया है और इसमें बल पूर्वक उससे (अजय कुमार साव) हस्ताक्षर कराये गये. जबकि मरीज की मौत बुधवार को डॉ संजय कुमार के आबादगंज स्थित निजी अस्पताल में ‘पैशाब के रास्ते में पङे़ पथरी’ को निकालने के क्रम में शल्य चिकित्सा के दौरान हो गई थी.

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मरीज के पुत्र ने बताया कि, उनके पिता की मौत होने की जानकारी उसे नहीं दी गई और अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें रोक कर जल्दी से शव को मेदिनीराय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल भेज दिया गया, ताकि मौत अस्पताल में दिखाया जाए और डॉक्टर को बेदाग साबित कर दिया जाए.

डॉ संजय कुमार, मेदिनीराय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के सहायक प्राध्यापक एवं सर्जन चिकित्सक हैं. इधर, पुलिस डॉ संजय कुमार की तलाश कर रही है. मामले में डॉ संजय से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

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