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पलामू : बनारस से झारखंड का कुख्यात अपराधी राजू तिर्की गिरफ्तार, गैंगस्टर डब्लू सिंह के इशारे पर कराई थी कुणाल सिंह की हत्या

Palamu :  झारखंड के चर्चित आपराधिक सरगना (गैंगस्टर) डब्लू सिंह उर्फ गौतम कुमार सिंह के दाहिना हाथ राजू तिर्की को पलामू पुलिस ने बुधवार की देर रात उत्तर प्रदेश के बनारस से गिरफ्तार कर लिया गया है. डब्लू सिंह गिरोह के द्वारा की जाने वाली आपराधिक घटनाओं में राजू तिर्की का अहम रोल रहता था. जून 2020 में मेदनीनगर में हुई गैंगस्टर कुणाल सिंह हत्याकांड में राजू तिर्की की तलाश थी.  उसने शूटरों को हथियार मुहैया कराए थे. घटना के बाद से राजू तिर्की लगातार फरार चल रहा था.

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पलामू के पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा ने गुरुवार को बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक के विजय शंकर को जानकारी मिली थी कि कुख्यात राजू तिर्की बनारस में छिपा हुआ है. सूचना पर के विजय शंकर बनारस जा पहुंचे और राजू तिर्की को एक होटल के कमरे से पकड़ लिया.

राजू तिर्की बनारस से पटना जाने की फिराक में था. उसके पास से पटना जाने का रेल टिकट भी पुलिस को मिला है. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि राजू तिर्की डब्लू सिंह का दाहिना हाथ है राजू तिर्की डब्लू सिंह की सारी घटनाओं घटनाओं को अंजाम दिलाता था. इसके पास मैन पावर की कोई कमी नहीं थी.

उन्होंने बताया कि इसकी तलाश गैंगस्टर कुणाल सिंह की हत्या में था. राजू तिर्की इस हत्याकांड में नामजद अभियुक्त है. उन्होंने कहा कि राजू तिर्की ने जानकारी दी है जी डब्लू सिंह को अभी तक पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है.

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पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि कुणाल हत्याकांड मामले में संलिप्त अबतक आधे दर्जन अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. उन्होंने बताया कि, डब्लू सिंह का राजू खास मारक (शूटर) था.  पुलिस अधीक्षक के अनुसार मारा गया कुणाल सिंह सेना से बर्खास्त सैनिक था.

इसकी बर्खास्तगी उसके आपराधिक मामले में संलिप्त रहने की वजह से हुई थी. सिन्हा ने बताया कि  सेना से बर्खास्त होने के बाद कुणाल सिंह आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा और इस सिलसिले में उसे अदालत से आजीवन कारावास की सजा हुई थी.

कुणाल सिह और डब्लू सिंह अलग-अलग गिरोह के सरगना थे तथा एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी थे, जिसमें डब्लू सिंह ने षड्यंत्र कर उसे हत्या करवा दी थी.

पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि  राजू तिर्की पलामू पुलिस के शिकंजे में उस वक्त आया, जब वह बनारस से पटना जाने वाला था, इसके लिए वह अपने मूल नाम ” प्रमोद उरांव ” के नाम से ट्रेन में बर्थ आरक्षित करा चुका था, पटना के बाद उसे  धनबाद पहुंचना था.

उन्होंने पूछे गए एक सवाल के जवाब में बताया कि राजू तिर्की बनारस के एक होटल में ठहरा हुआ था, जिसकी खुफिया सूचना पलामू पुलिस को मिल गयी थी. यह स्थान बदल-बदल कर अपने को पुलिस की गिरफ्त में आने से बचा रहा था.

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इसके पास से फोटो पहचान पत्र और एटीएम कार्ड बरामद हुआ है, जिसमें उसका नाम प्रमोद  उरांव है.

उन्होंने जानकारी दी कि कुणाल सिंह हत्या कांड में अबतक नौ आपराधिक तत्वों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पांच अन्य को पकङना है, इसमें गिरोह के सरगना डब्लू सिंह के अलावा छोटु सिंह, छोटा डब्लू, लव सिंह और कुश सिंह के नाम हैं.

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार राजू तिर्की मेदिनीनगर ग्रामीण थाना क्षेत्र के बहलोलवा गांव का रहने वाला है.

यह एक दर्जन से अधिक गंभीर प्रकृति के अपराधों में सीधी भागीदारी रही है. हत्या, बस पङाव में रंगदारी टैक्स वसूली तथा जमीन एवं मकान कब्जा करने में अंतर्लिप्ता रही है. बताया कि कुणाल हत्याकांड में मेदिनीनगर के एक सफेदपोश शख्स का भी नाम है, जिसने घटना को अंजाम देने के लिए डब्लू सिंह के इशारे पर आपराधिक तत्वों को 15 लाख रुपये उपलब्ध कराये थे.

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