
Palamu : गैंगस्टर और कुख्यात अपराधी सरगना गौतम सिंह उर्फ डब्लू सिंह के भाई गोविंद सिंह उर्फ छोटू सिंह ने सरेंडर कर दिया है. गैंगस्टर एवं एक्स आर्मी मैन कुणाल सिंह हत्याकांड में गोविंद सिंह फरार चल रहा था. उसके खिलाफ पुलिस ने कोर्ट से जारी इश्तेहार भी चिपकाया था. लगातार पुलिस दबिश के कारण उसने आत्मसमर्पण किया.
12 अप्रैल को छोटू सिंह ने अचानक जिले के एसपी चंदन कुमार सिन्हा के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. गोविंद सिंह पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और आर्म्स एक्ट के एक मामले में उसे सजा भी हुई थी. बताते चलें कि एक दशक के भीतर मेदिनीनगर समेत पूरे जिले में किसी बड़े अपराधी ने एसपी के समक्ष सरेंडर नहीं किया था.
बुधवार को गोविंद सिंह को सार्वजनिक कर उसके सरेंडर करने की जानकारी देते हुए शहर थाना प्रभारी अरूण कुमार महथा ने बताया कि गत 2 जून 2020 को अपराधकर्मी कुणाल सिंह की हत्या अपराधिक गैंग कुख्यात डब्ल्यू सिंह गिरोह द्वारा की गयी थी, जिसमें डब्लू सिंह गैंग के कई नामजद समेत उसका भाई गोविंद सिंह उर्फ छोटू सिंह भी कांड का नामजद आरोपी था.
इस घटना के बाद से गोविंद सिंह लगातार फरार चल रहा था. इस अवधि में उसने अपना ठिकाना कभी रांची तो कभी दिल्ली और बेंगलुरु बना रखा था.
इसके विरुद्ध न्यायालय से इश्तेहार जारी किया गया था. इश्तेहार को उसके लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के फुलांग गांव में स्थित उसके घर पर चिपकाया गया था. अचानक 12 अप्रैल को पुलिस अधीक्षक के समक्ष उसने आत्मसमर्पण किया. अस्वस्थ रहने के कारण फरार रहने की बात बतायी है. यह पूर्व में कई आपराधिक कांडों में जेल जा चुका है और शस्त्र अधिनियम के केस में उसे सजा भी हुई थी.
उन्होंने बताया कि कुणाल सिंह हत्याकांड में अब तक 13 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है. गोविंद सिंह लेस्लीगंज के फुलांग का रहने वाला है. उसका सदर थाना क्षेत्र के कचरवा में भी घर है.
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सरेंडर कर सकता है डब्लू सिंह
सरेंडर करने के बाद गोविंद सिंह और छोटू सिंह ने पूछताछ में पुलिस के समक्ष कई खुलासे किए हैं. गोविंद ने बताया कि कुणाल हत्याकांड के बाद वह फरारी में बैंगलुरु में रह रहा था. 1 वर्ष पूर्व उससे मिलने डब्ल्यू सिंह वहां आया था. उसने बताया कि डब्ल्यू सिंह भी सरेंडर कर सकता है.
कुणाल की हत्या नहीं करते तो डब्ल्यू सिंह की हो जाती हत्या
पुलिस को जानकारी देते हुए गोविंद सिंह ने बताया है कि अगर कुणाल सिंह की हत्या उनका गिरोह नहीं करता तो कुणाल उसके भाई और गिरोह के सरगना डब्लू सिंह की हत्या कर देता. कुणाल इसके लिए तैयारी में जुटा हुआ था.
उसने चाईबासा से शूटर भी बुलाया था, लेकिन शूटर को कामयाबी नहीं मिली. इसकी जानकारी जब उसके गैंग को हुई तो बैठक कर कुणाल सिंह की हत्या की योजना बनायी गयी.
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गौरव से मिलती थी मेदिनीनगर की गतिविधियों की जानकारी
गोविंद ने बताया है कि कुणाल सिंह हत्याकांड में षड्यंत्र के आरोप में जेल भेजे गए डब्लू सिंह के छोटे भाई गौरव सिंह से उसे मेदनीनगर समेत पूरे पलामू जिले में चल रही गतिविधि की जानकारी मिलती थी. गोविंद में बताया है कि व्यवसाय के साथ-साथ ठीकेदारी का भी काम उसके द्वारा किया जाता था.
ठीकेदारी में टेंडर लेने और मैनेज करने में डब्लू सिंह के नाम का फायदा मिलता था. स्टैंड से रंगदारी वसूलने, ठेकेदारी करने, बालू गिट्टी का कारोबार आदि में वह शामिल रहा है. कुणाल सिंह की हत्या में उसने प्लानिंग की थी.




