
Ranchi : रिम्स की व्यवस्था से जुड़ी जनहित याचिका पर शुकवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट ने रांची सिविल सर्जन विजय बिहारी प्रसाद पर कड़ी नाराजगी जतायी. सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य सचिव केके सोन भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े रहे. इस दौरान कोर्ट ने कहा कि चार दिनों तक सैंपल की जांच नहीं की जा रही है. जबकि जांच के लिये आये सैंपल सड़ जा रहे है.
कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर सिविल सर्जन काम नहीं कर पा रहे है तो इस्तीफा देकर चले क्यों नहीं जाते हैं? कोर्ट ने कहा कि सिविल सर्जन में इंसानियत नाम की चीज खत्म हो चुकी है. यहां तक की सैंपल भी जांच के लिये नहीं भेजे जा रहे हैं. कोर्ट ने कहा कि सिविल सर्जन आम लोगों के साथ क्या करते होंगे.
अगली सुनवाई 15 अप्रैल को
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिये 15 अप्रैल की तारीख तय की है. इस दौरान स्वास्थ्य सचिव को भी वीडियो कांप्रेंस के माध्यम से शामिल होने का आदेश दिया गया है. इस दौरान रिम्स निदेशक को भी मौजूद रहने कहा गया है.
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