
Palamu : पलामू का पानी पलामू में ही रखने को लेकर मंगलवार को भाकपा माले की पलामू इकाई के तत्वावधान में जोरदार प्रदर्शन किया गया. मंडल डैम, बतरे, बटाने सहित अन्य सिंचाई परियोजनाओं का पानी पहले पलामू प्रमंडल को देने की मांग राज्यपाल से की है. माले कार्यकर्ताओं ने शिवाजी मैदान से प्रतिवाद मार्च निकाला और शहर में प्रदर्शन किया. बाद में आयुक्त कार्यालय पहुंचे और राज्यपाल के नाम नौ सूत्री ज्ञापन सौंपा. माले कार्यकर्ता पलामू के पानी पर पहला हक पलामू का, सरकार तेरी मनमानी नहीं चलेगी, किसानों के खेतों में पानी पहुंचाओ, डूब क्षेत्र में विस्थापितों के लिए पहले पुनर्वास की व्यवस्था करो आदि नारे लगा रहे थे. मौके पर माले के कंद्रीय कमिटी सदस्य रवींद्र भुइयां ने कहा कि पलामू प्रमंडल अकाल, सुखाड़ के लिए पूरे भारत में चर्चित रहता है. पर्याप्त मात्रा में वर्षा नहीं होने के कारण प्रमंडल के किसान प्रति वर्ष बड़ी संख्या में रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं.
सरप्लस पानी को ही दूसरे राज्यों को दिया जाये
माले कार्यकर्ताओं ने कहा कि आजादी के 70 सालों के बाद भी पलामू की मूल समस्या जस की तस है. प्रधानमंत्री द्वारा मंडल डैम (उत्तर कोयल परियोजना) का दोबारा शिलान्यास करने के बाद प्रमंडल के किसानों की चिंता और अधिक बढ़ गयी है. माले नेताओं ने कहा कि सरकार पहले प्रमंडल से बहनेवाली सभी प्रकार की नदियों के पानी को प्रमंडल के किसानों के खेतों तक पहुंचाने का काम करे. प्रमंडल के सरप्लस पानी को ही दूसरे राज्यों को दिया जाये. उन्होंने कहा कि बड़े बांध और डैम बनाने से बेहतर है कि सरकार आहर, तालाब, छोटे चेकडैम बनाने का काम करे. इससे लोग प्रभावित नहीं होंगे और न ही विस्थापन की समस्या आयेगी.
प्रदर्शन में इनकी रही भागीदारी
प्रदर्शन में रवींद्र भुइयां के अलावा वरिष्ठ पार्टी नेता कालीचरण मेहता, सुषमा मेहता, किसान सभा के नर्वदेश्वर सिंह, शिवनाथ मेहता सहित काफी संख्या में माले कार्यकर्ता शामिल थे.
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