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पलामू : गरीबों में बांटने के लिए पौने दो करोड़ में 51 हजार कंबल आपूर्ति का हुआ करार, ठंड बीतने के बाद कंबल पहुंचने के आसार

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  • 10 दिसंबर को फाइनल हुआ है टेंडर, 20 दिसंबर तक आपूर्ति का है करार
  • छह दिन बीते, अब तक कंबलों की एक भी खेप नहीं पहुंची पलामू

Palamu : ठंड अपने शबाब पर है और अब तक पलामू जिले में  प्रशासन की ओर से कंबलों का वितरण नहीं हो पाया है. हर वर्ष ठंड बीतने या फिर आधी ठंड निकल जाने के बाद जिले में कंबल वितरण की परंपरा रही है. इस वर्ष भी कुछ इसी तरह का हाल होता नजर आ रहा है. जानकारी के अनुसार, 10 दिसंबर को ही लेबर डिपार्टमेंट द्वारा कंबल का टेंडर जिले में फाइनल किया जा चुका है. ठेकेदार को 10 दिनों के भीतर जिले को 51,000 कंबल आपूर्ति करा देने का निर्देश है. टेंडर हुए छह दिन बीत गये, लेकिन कंबलों की एक खेप तक जिले में नहीं पहुंच पायी है. चार दिनों में कंबल जिले में पहुंच जायेगी, इसकी कम उम्मीद लगती है.

जनवरी में वितरण की संभावना 

सूत्रों की मानें, तो टेंडर में हुए करार के अनुसार 20 दिसंबर तक कंबल पहुंच जाने हैं, लेकिन अगर पलामू को मिलनेवाले कंबलों की खेप ठंड का मौसम जाते-जाते जनवरी 2019 तक भी मिल जाये, तो यह बड़ी बात होगी. बता दें कि इन 51,000 कंबलों को पलामू के सभी अंचल कार्यालयों के माध्यम से गरीबों के बीच बांटने का लक्ष्य है. जिला में कंबलों को आने के बाद अंचलों तक पहुंचने में लंबा समय लग जाता है. ऐसे में तकरीबन पौने दो करोड़ की इस योजना का लाभ गरीबों को ससमय कितना मिल पायेगा, यह देखनेवाली बात होगी.

कंबल का टेंडर आखिर इतनी देर से क्यों? 

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यह यक्ष प्रश्न आज कई सालों से बना हुआ है कि कंबल का टेंडर आखिर जाड़े के शबाब पर पहुंच जाने के बाद इतनी देर से ही क्यों कराया जाता है. टेंडर प्रक्रिया पहले क्यों नहीं अपनायी जाती? इसमें क्या परेशानी आती है? एक वर्ष इस तरह की स्थिति बने, तो परेशानी समझ में आती है, लेकिन हर वर्ष ऐसा ही निर्णय दाल में काला वाली कहावत को चरितार्थ करता है. ऐसे में शत-प्रतिशत कंबलों का वितरण कराना भी प्रशासन के लिए बड़ी और कड़ी चुनौती होगी.

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