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दो वर्ष बाद भी पावर प्लांट में खराब बॉयोमीट्रिक की मरम्मत नहीं, कर्मचारियों को मनमाने समय में आने-जाने की छूट

डीवीसी के अधिकारियों, इंजीनियरों एवं कामगारों को पावर प्लांट इंट्री में गेट पर तैनात सीआईएसएफ जवानों को गेट पास दिखाकर मैनुअल सिस्टम का  सहारा लेना पड़ रहा है.

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Bermo : बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के पावर प्लांट में दो वर्ष पूर्व कामगारों के लिए लगाये गये बॉयोमीट्रिक हाजिरी सिस्टम की मरम्मत नहीं की जा सकी है. दो वर्ष पूर्व पावर प्लांट के मेन गेट पर लगाया गया बॉयोमीट्रिक हाजिरी सिस्टम खराब हो गया था. इसके खराब हो जाने के बाद से डीवीसी के अधिकारियों, इंजीनियरों एवं कामगारों को पावर प्लांट इंट्री में गेट पर तैनात सीआईएसएफ जवानों को गेट पास दिखाकर मैनुअल सिस्टम का  सहारा लेना पड़ रहा है.

सिस्टम के खराब होने से पावर प्लांट में आवाजाही पर रोक नहीं : बॉयोमीट्रिक सिस्टम खराब हो जाने के बाद से डीवीसी के कामगारों, इंजीनियरों,अधिकारियों को पावर प्लांट में ड़यूटी की आवाजाही में किसी प्रकार की रोक टोक नहीं है. सुबह की पाली में छह बजे डयूटी पर जाने वाले कामगार सात से आठ बजे तक, दूसरी पाली में दो बजे से डयूटी जाने वाले कामगार एवं इंजीनियर तीन से चार बजे तक, रात्रि पाली में दस बजे  डयूटी पर जाने वाले कामगार 11 बजे रात्रि तक डयूटी जाते देखे जा सकते हैं. इसी प्रकार जेनरल डयूटी जाने वाले कामगारों, अधिकारियों एवं इंजीनियरों को साढ़े नौ एवं दस बजे तक डयूटी पर जाते देखा जा सकता है. इसी प्रकार डयूटी पर से निकलने में भी किसी भी प्रकार की कोई रोक टोक नहीं है. मेन गेट स्थित सीआईएसएफ पोस्ट पर तैनात जवानों के द्वारा भी प्लांट से निकलने वाले एवं प्लांट में जाने वाले कामगारों एवं अधिकारियों,इंजीनियरों को कभी भी रोककर पूछा नहीं जाता है.

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 बॉयोमीट्रिक सिस्टम की मरम्मत को लेकर गंभीर है मुख्यालय : डीवीसी के स्थानीय डीजीएम पीके सिंह का इस मसले पर कहना है कि बोकारो थर्मल पावर प्लांट में खराब पड़े बॉयोमीट्रिक सिस्टम की मरम्मत तथा जहां बॉयोमीट्रिक सिस्टम नहीं लगा है,  उस स्थान पर इसे लगाने को लेकर कोलकाता मुख्यालय काफी गंभीर है. उन्होंने कहा कि पावर प्लांट में वर्क कल्चर तो होना ही चाहिए क्योंकि संस्थान रहेगा तभी सब रहेंगे.

 

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