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पलामू: वाहनों में आगजनी व विस्फोट के बाद नक्सलियों के खिलाफ अभियान शुरू, झारखंड-बिहार पुलिस साथ मिल कर रही कार्रवाई

Palamu: पीपरा थाना के एनएच-98 के चपरवार स्थित सिद्धार्थ स्टोन क्रशर प्लांट में नक्सलियों द्वारा की गयी आगजनी व विस्फोट की घटना के बाद 9 मई से ही झारंखड व बिहार राज्य पुलिस ने संयुक्त अभियान शुरू कर दिया गया है. इसमें सीआरपीएफ भी शामिल है.

जानकारी के अनुसार पलामू पुलिस लगातार गया व औरंगाबाद पुलिस के संपर्क में है. साथ ही मिले इनपुट के आधार पर छापेमारी की जा रही है. घटना को अंजाम देने से पहले माओवादी नक्सलियों ने पूरे क्षेत्र की नाकाबंदी कर दी थी. सभी नक्सली एक दूसरे से वाकी टाकी से संपर्क कर रहे थे. साथ ही अपने कमांडर के निर्देशों का अनुपालन भी कर रहे थे.

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छकरबंधा माओवादियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना

छकरबंधा माओवादियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना रहा है. इस इलाके में माओवादियो का पोलित ब्यूरो सदस्य पीके मिश्रा, सेंट्रल कमिटी सदस्त संदीप यादव समेत कई टॉप माओवादियों का ठिकाना हैं. औरंगाबाद-गया जिले की सीमा पर स्थित सोनदाहा, डूमरीनाला, लंगुराही, पचरुखिया, बरहा, छकरबंधा का जंगल भाकपा माओवादी नक्सलियों के लिए सुरक्षित ठिकाना माना जाता है.

नक्सली उक्त जंगलों में अपने को सुरक्षित मानते हैं. जंगल में सर्च आपरेशन में जाने वाले जवानों के अनुसार जंगल की स्थिति छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा से खतरनाक है. करीब तीस किमी में फैले इस जंगल में नक्सली बंकर बनाकर रखते हैं. स्टोन माइंस हमले में शामिल माओवादी कमांडर नितेश यादव, संजय गोदराम, अभिजीत आदि छकरबंधा के इलाके से ही आये थे.पलामू में इसी इलाके से माओवादी गतिविधि संचालित होता है.

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माओवादी संगठन माइंस से वसूलते हैं लाखों की लेवी

माओवादी स्टोन माइंस से लाखों की लेवी वसूलते हैं. एक एक स्टोन माइंस से माओवादी सालाना 30 से 50 हजार रुपये तक की रकम वसूलते हैं. जबकि निर्माण कार्यों से योजना की लागत का पांच प्रतिशत तक कि रकम वसूली जाती है.

माओवादियों को सबसे अधिक बीड़ी पता से लेवी मिलती है. पलामू माओवादियो के मध्यजोन में है, इस इलाके से सलाना तीन से चार करोड़ रुपये लेवी के रूप में वसूली जाती है. लॉकडाउन के कारण पिछले दो महीने में माओवादियों को लेवी नहीं मिली है. जिस इलाके से उन्हें लाखों रुपये मिलते थे उस इलाके से उन्हें कुछ नहीं मिल रहा है.

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समय-समय पर नक्सली दर्ज करवा रहे अपनी उपस्थिति

प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी के नक्सलियों ने इस वर्ष 2020 में पिपरा थाना के चपरवार में अपनी पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए क्रशर प्लांट में आगजनी की है. इससे पहले नवंबर 2019 में पिपरा बाजार में सरेशाम गोलीबारी कर झामुमो नेता मोहन गुप्ता व एक फल विक्रेता सूरज सोनी की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

वहीं माओवादी संगठन ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान 26 अप्रैल को हरिहरगंज मुख्य बाजार में स्थित भाजपा के चुनावी कार्यालय को बम विस्फोट से उड़ा दिया था. साल 2019 जुलाई में बटाने नदी पर बने पुल को उड़ाने का प्रयास भी किया गया था. विधानसभा चुनावों में माओवादियों ने लगातार अपनी सक्रियता दिखाने की कोशिश की थी. हालांकि पुलिस भी नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाती रही.

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