
Ranchi: पाकुड़ जिले के 339 छात्रों का होमगार्ड में चयन होने के सात महीने बीत गए हैं. बावजूद इसके अब तक होमगार्ड में चयनित छात्रों को प्रशिक्षण पर नहीं भेजा गया है. छात्रों का चयन हो गया है, उन्हें वर्दी दे दी गयी है फिर भी वो मात्र प्रशिक्षण नहीं मिलने के कारण वो दर-दर भटक रहे हैं.
वहीं प्रशिक्षण पर नहीं भेजे जाने के बारे में पाकुड़ जिला के डीसी का कहना है कि जिले से सभी फाइल को गृह रक्षा वाहिनी मुख्यालय रांची हेड क्वार्टर भेज दी गई है. जो भी कार्य है वह हेड क्वार्टर रांची से रुका हुआ है.
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7 महीने पहले हुई नियुक्ति
पाकुड़ के 339 छात्रों की 27 अक्टूबर 2018 से लेकर 2 नवंबर 2011 तक शारीरिक दक्षता और तकनीशियन परीक्षा ली गई थी. 15 नवंबर 2018 को अंतिम रूप से चयनित गृह रक्षकों का मेरिट लिस्ट प्रकाशित किया गया.
पाकुड़ के तत्कालीन डीसी दिलीप कुमार झा के द्वारा अंतिम चयनित गृह रक्षकों के फाइल का अनुमोदन किया गया था. बहाली प्रक्रिया के अध्यक्ष उपविकास आयुक्त श्री राम निवास यादव व समादेष्टा आशीष कुमार मोइली पाकुड़ द्वारा रिजल्ट को प्रकाशित किया गया था.
जिसके बाद पुलिस सत्यापन भी पूरी कर ली गई. जिला समादेष्टा गृह रक्षा वाहिनी कार्यालय द्वारा वर्दी मापी, जूता मापी भी की गई, और 22 अप्रैल 2019 को लिपिक शाखा के मुरारी कुमार द्वारा सभी नवचयनित 339 गृह रक्षकों को वर्दी भी दे दी गयी.
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क्या कहना है पाकुड़ डीसी का
सारी प्रक्रिया पूरी हो जाने के बावजूद भी सभी नवचयनित गृह रक्षकों को प्रशिक्षण में नहीं भेजा जा रहा है. इस मामले में चयनित हुए कुछ गृह रक्षकों से बात करने पर उन्होंने बताया कि इसे लेकर 27 जून 2019 को पाकुड़ डीसी से मुलाकात भी की थी.
तब डीसी ने कहा था कि हमारे कार्यालय से कागजी प्रक्रिया को पूरी कर दी गयी है. सारी फाइलों को गृह रक्षा वाहिनी मुख्यालय रांची हेडक्वार्टर को भेज दिया गया है. अब जो कुछ भी होना है वहीं से होगा. काम हेड क्वार्टर रांची से रुका हुआ है.
प्रशिक्षण होने से परेशान चयनित होमगार्ड
नव चयनित गृह रक्षकों ने बताया कि सारी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद भी हम लोगों को प्रशिक्षण पर नहीं भेजा जा रहा है. हमारे पास कुछ करने को नहीं है. हम लोगों को कहीं नौकरी भी नहीं मिल रही है.
जहां भी नौकरी के लिए जाते हैं तो उनका कहना है कि तुम लोगों का होमगार्ड में हो गया है कब नौकरी छोड़कर तुमलोग चले जाओगे, इसका क्या भरोसा. इस वजह से हम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हम लोग गरीब छात्र हैं, ऐसे में सरकार को ध्यान देना चाहिए.
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